Tata Motors की इलेक्ट्रिक गाड़ियों की डिमांड में जबरदस्त तेजी देखी गई है, लेकिन सप्लाई चेन की दिक्कतें बनी हुई हैं। मुनाफे में आई **80%** की गिरावट को देखते हुए कंपनी **1 सितंबर** से गाड़ियों की कीमतों में **₹25,000** तक का इजाफा करने जा रही है।
डिमांड तो बढ़ी, लेकिन सप्लाई की रफ्तार धीमी
Tata Motors के सामने एक अनोखी चुनौती है। पिछले छह महीनों में कंपनी की इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EV) की बुकिंग में 3 गुना उछाल आया है। कंपनी अपनी प्रोडक्शन कैपेसिटी को बढ़ाकर 15,000 यूनिट प्रति माह तक ले जाने की कोशिश कर रही है, लेकिन बैटरी सेल्स की कमी एक बड़ी बाधा बनी हुई है। खासकर चीन से होने वाले इंपोर्ट में आ रही दिक्कतों के कारण गाड़ियां समय पर डिलीवर नहीं हो पा रही हैं। मैनेजमेंट का मानना है कि सितंबर 2026 की तिमाही के अंत तक यह सप्लाई चेन की समस्या सुलझ सकती है।
मुनाफे पर दबाव और प्राइस हाइक
ऑपरेशनल चुनौतियों का सीधा असर कंपनी के फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर पड़ा है। फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही (Q1) में कंपनी का नेट प्रॉफिट 80% घटकर ₹775 करोड़ रह गया है। इनपुट कॉस्ट बढ़ने के कारण कंपनी के मार्जिन्स पर भारी दबाव था। इस स्थिति को संभालने और प्रॉफिटेबिलिटी में सुधार लाने के लिए कंपनी ने 1 सितंबर, 2026 से अपने पूरे पोर्टफोलियो (इलेक्ट्रिक गाड़ियों समेत) के दाम ₹25,000 तक बढ़ाने का एलान किया है।
फेस्टिव सीजन पर टिकी उम्मीदें
अब मार्केट की नजरें आने वाले फेस्टिव सीजन पर टिकी हैं। कंपनी को उम्मीद है कि त्योहारी सीजन में गाड़ियों की बिक्री में अच्छी ग्रोथ देखने को मिलेगी। हालांकि, निवेशकों के लिए अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या बढ़ी हुई कीमतों का बोझ ग्राहक आसानी से स्वीकार करेंगे और क्या सप्लाई चेन की दिक्कतें खत्म होने के बाद कंपनी दूसरी छमाही में बेहतर मुनाफा कमा पाएगी।
