घरेलू मांग ने बढ़ाई रफ्तार
Tata Motors के कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट ने मार्च में कमाल का प्रदर्शन किया। कुल बिक्री 17% बढ़कर 47,976 यूनिट्स पर पहुंच गई, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह आंकड़ा 41,122 यूनिट्स था। इस तेजी का मुख्य कारण रहा देश के अंदर जोरदार मांग, जहां डोमेस्टिक (घरेलू) CV सेल्स 18% बढ़कर 45,825 यूनिट्स रही, जो पिछले साल 38,884 यूनिट्स थी। कंपनी के मुताबिक, फाइनेंशियल ईयर 2026 की दूसरी छमाही में GST 2.0 के लागू होने और मजबूत होती मांग की वजह से यह ग्रोथ मिली है।
पूरे फाइनेंशियल ईयर का शानदार प्रदर्शन
अगर पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 की बात करें, तो Tata Motors ने कुल बिक्री में 14% की बढ़ोतरी दर्ज की है। इस दौरान कंपनी ने 4,28,329 यूनिट्स की बिक्री की, जो फाइनेंशियल ईयर 2025 के 3,76,903 यूनिट्स से काफी ज्यादा है। कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO, गिरीश वाघ ने कहा कि फाइनेंशियल ईयर 2026 के उत्तरार्ध में मांग में सुधार आया, जिसका श्रेय GST 2.0 को जाता है।
अंतर्राष्ट्रीय बिक्री में मामूली गिरावट
जहां घरेलू बाजार में कंपनी का दबदबा बढ़ा, वहीं अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कमर्शियल व्हीकल की बिक्री में 4% की मामूली गिरावट आई है। इस महीने 2,151 यूनिट्स की बिक्री हुई, जबकि पिछले साल यह 2,238 यूनिट्स थी। वाघ ने यह भी बताया कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव और उसके आर्थिक असर की वजह से मार्च में ग्रोथ थोड़ी धीमी हुई। कंपनी सप्लाई चेन को बेहतर बनाए रखने के लिए लॉजिस्टिक्स पर पैनी नजर रखे हुए है।
भविष्य की राह और जोखिम प्रबंधन
Tata Motors भविष्य के लिए लचीला रुख अपनाए हुए है और भू-राजनीतिक (geopolitical) घटनाओं व मैक्रोइकोनॉमिक बदलावों पर करीबी से नजर रख रही है। कमर्शियल व्हीकल्स के टोटल कॉस्ट ऑफ ओनरशिप (TCO) को प्रभावित करने वाले डीजल की कीमतों पर भी कंपनी का ध्यान है। रिस्क को मैनेज करने और प्रोडक्शन बनाए रखने के लिए कंपनी लगातार रणनीतियां बना रही है।