स्टैंडअलोन परफॉर्मेंस में Tata Motors का जलवा
Tata Motors ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) में अपने स्टैंडअलोन ऑपरेशंस में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 22% बढ़कर ₹24,500 करोड़ पर पहुंच गया, जबकि ईबीआईटीडीए (EBITDA) 35% की छलांग लगाकर ₹3,400 करोड़ हो गया। कंपनी की ईबीआईटीडीए मार्जिन 13.9% रही, जो कि कंपनी के मिड-टर्म गाइडेंस से 130 बेस पॉइंट्स बेहतर है। वहीं, ईबीआईटी मार्जिन 12.1% दर्ज की गई।
पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए भी स्टैंडअलोन आंकड़े मजबूत रहे। रेवेन्यू 11% बढ़कर ₹77,400 करोड़ हुआ और ईबीआईटीडीए 22% बढ़कर ₹10,200 करोड़ रहा। इस दौरान कंपनी ने ₹9,200 करोड़ का मजबूत स्टैंडअलोन फ्री कैश फ्लो जनरेट किया और ऑटो आरओसीई (Auto ROCE) 72% पर रहा, जो इंडस्ट्री में सबसे बेहतर है।
कंसोलिडेटेड पिक्चर में लागतों का भारी असर
वहीं, दूसरी ओर कंपनी की कंसोलिडेटेड तस्वीर कुछ अलग कहानी बयां करती है। कमर्शियल व्हीकल्स (CV) सेगमेंट में Q4 FY26 के लिए कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 33.8% बढ़कर ₹1,793 करोड़ रहा, जबकि रेवेन्यू 19.4% बढ़कर ₹26,098 करोड़ हुआ। हालांकि, इस सेगमेंट में ईबीआईटीडीए मार्जिन पिछले साल के 11.12% से घटकर 10.12% रह गई, जो प्रति यूनिट प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव का संकेत है।
पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए, कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 24% गिरकर ₹3,000 करोड़ पर आ गया। इसका मुख्य कारण ₹1,400 करोड़ के असाधारण खर्चे (Exceptional Items) थे, जिनमें नए लेबर कोड, डी-मर्जर गतिविधियां और निवेश पर मार्क-टू-मार्केट (MTM) नुकसान शामिल हैं।
इंडस्ट्री और वैल्यूएशन पर एक नजर
भारतीय कमर्शियल व्हीकल (CV) इंडस्ट्री ने FY26 को 10-11% की ग्रोथ के साथ पूरा किया है। हालांकि, FY27 के लिए यह ग्रोथ घटकर सिंगल-डिजिट में रहने का अनुमान है। ऐसे में, Tata Motors को अपने प्रतिद्वंद्वी Ashok Leyland जैसी कंपनियों से कड़ी टक्कर मिल रही है। 13 मई, 2026 तक, Ashok Leyland का पी/ई रेशियो 25.60 और आरएसआई (RSI) 28.56 था। वहीं, Tata Motors का पी/ई रेशियो ~20.6x से लेकर 48.89x तक रहा है, जो इसे वैल्यूएशन के लिहाज से जटिल स्थिति में रखता है। पिछले साल Q4 FY25 के नतीजों पर बाजार ने नकारात्मक प्रतिक्रिया दी थी, जिससे स्टॉक में 1.73% की गिरावट आई थी।
एनालिस्ट्स की राय और आगे की राह
एनालिस्ट्स का Tata Motors पर मिला-जुला रुख है, जिनमें 'Hold' से लेकर 'Strong Buy' तक की रेटिंग्स शामिल हैं। उनके 12-महीने के प्राइस टारगेट ₹489 से लेकर ₹1,000 तक के हैं, जो मौजूदा स्तरों से अच्छी-खासी अपसाइड का संकेत देते हैं। कंपनी ₹13,700 करोड़ की नेट कैश पोजीशन बनाए हुए है, जो वित्तीय मजबूती देता है।
मैनेजमेंट का मानना है कि मांग मजबूत बनी रहेगी, लेकिन भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं और बढ़ती कमोडिटी लागत के कारण निकट भविष्य में कुछ नरमी आ सकती है। इन चुनौतियों के बावजूद, कंपनी ने FY26 के लिए ₹4.00 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने की सिफारिश की है।
