Tamil Nadu में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की डिमांड में जोरदार तेजी आई है। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में राज्य में **1.90 लाख** नए EV रजिस्टर्ड हुए हैं, जो पिछले साल के मुकाबले **38%** अधिक है। इस तेजी के पीछे राज्य सरकार की टैक्स छूट एक बड़ी वजह है।
डिमांड में बड़ा उछाल
Tamil Nadu में इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर ग्राहकों का रुझान तेजी से बढ़ रहा है। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में कुल 1.90 लाख नए EV रजिस्टर्ड हुए, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 1,37,697 यूनिट्स पर था। गौर करने वाली बात यह है कि कुल रजिस्ट्रेशन में से 92% हिस्सेदारी पर्सनल यानी 'नॉन-ट्रांसपोर्ट' कैटेगरी की रही है।
सरकारी रियायत का असर
इस ग्रोथ के पीछे राज्य सरकार की आक्रामक टैक्स पॉलिसी का हाथ है। सरकार ने EV को बढ़ावा देने के लिए ₹1,011 करोड़ की मोटर व्हीकल टैक्स छूट दी है। यह पॉलिसी 31 दिसंबर 2027 तक लागू है, जो प्राइवेट खरीदारों के लिए सबसे बड़ा मोटिवेशन फैक्टर बनी हुई है।
रेवेन्यू का बैलेंस
इतनी बड़ी टैक्स छूट के बावजूद राज्य के ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट की फाइनेंशियल सेहत मजबूत बनी हुई है। विभाग ने 12.7% की सालाना बढ़त के साथ कुल ₹12,503 करोड़ का रेवेन्यू जुटाया है। यह कमाई सर्विस फीस, ग्रीन टैक्स और 'मोटर व्हीकल्स एक्ट, 1988' के तहत वसूले गए जुर्माने से आई है।
आगे का रास्ता और रिस्क
1 अप्रैल 2026 तक राज्य में कुल 5.52 लाख इलेक्ट्रिक वाहन हो चुके हैं। हालांकि, निवेशकों के लिए एक रिस्क फैक्टर जरूर है। क्योंकि टैक्स छूट की सुविधा 2027 में खत्म हो रही है, ऐसे में पॉलिसी में कोई भी बदलाव डिमांड पर सीधा असर डाल सकता है। साथ ही, बढ़ते वाहनों की संख्या के मुकाबले चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करना सरकार के लिए आने वाले समय में बड़ी चुनौती होगी।
