Q3 में TVS Srichakra का शानदार कमबैक!
TVS Srichakra लिमिटेड के लिए Q3 FY26 तिमाही नतीजों के लिहाज से बेहद शानदार रही है। कंपनी घाटे के काले बादल छांटकर मुनाफे के आसमान में पहुंच गई है। 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हुई तिमाही में, कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (Consolidated Revenue) पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 14.1% उछलकर ₹916.51 करोड़ दर्ज किया गया। वहीं, कंपनी ने ₹11.18 करोड़ का नेट प्रॉफिट (Net Profit) हासिल किया है, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में ₹5.58 करोड़ का घाटा (Net Loss) हुआ था।
नौ महीने की अवधि में भी कंपनी का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा। कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 9.3% बढ़कर ₹2,662.41 करोड़ हो गया, और नेट प्रॉफिट में 75% की जोरदार बढ़ोतरी के साथ यह ₹54.07 करोड़ पर पहुंच गया।
स्टैंडअलोन नतीजों ने भी मारी बाजी
कंपनी के स्टैंडअलोन (Standalone) नतीजों ने भी कंसोलिडेटेड नतीजों की तरह ही दमदार प्रदर्शन किया। स्टैंडअलोन रेवेन्यू 13.8% बढ़कर ₹850.36 करोड़ रहा। वहीं, स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट ₹14.16 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी तिमाही में हुए ₹3.08 करोड़ के घाटे से एक बड़ी रिकवरी है। नौ महीनों के स्टैंडअलोन रेवेन्यू में 9.1% की बढ़ोतरी के साथ यह ₹2,477.14 करोड़ रहा, और नेट प्रॉफिट 39% बढ़कर ₹62.48 करोड़ हो गया।
EPS में भी भारी उछाल
कंपनी के प्रति शेयर आय (EPS) में भी काफी सुधार देखा गया। Q3 FY26 के लिए कंसोलिडेटेड बेसिक ईपीएस (EPS) ₹14.56 रहा, जो पिछले साल के ₹-7.79 से काफी बेहतर है। वहीं, स्टैंडअलोन बेसिक ईपीएस ₹20.65 दर्ज किया गया, जो पिछले साल के ₹-4.02 की तुलना में एक बड़ा उछाल है।
नए लेबर कोड्स का असर और गाइडेंस का अभाव
इस शानदार नतीजों के बीच, 21 नवंबर 2025 से लागू हुए नए लेबर कोड्स (Labour Codes) के कारण कंपनी को ₹11.67 करोड़ (स्टैंडअलोन) और ₹11.14 करोड़ (कंसोलिडेटेड) के प्रोविजन (Provision) करने पड़े। वोलंटरी रिटायरमेंट स्कीम (VRS) की लागत और सरकारी अनुदान (Government Grant) जैसी असाधारण मदों (Exceptional Items) का भी असर नतीजों पर पड़ा है, लेकिन इनका विस्तृत वित्तीय प्रभाव साफ नहीं किया गया है।
खास बात यह है कि कंपनी के मैनेजमेंट ने भविष्य को लेकर कोई फॉरवर्ड-लुकिंग गाइडेंस (Forward-looking Guidance) या आउटलुक (Outlook) जारी नहीं किया है। ऐसे में, निवेशकों को मौजूदा ट्रेंड्स और कंपनी की रणनीतियों के आधार पर इस प्रॉफिट टर्नअराउंड की निरंतरता का खुद ही आकलन करना होगा। इसी बीच, बोर्ड ने मिस्टर आर. नरेश को कार्यकारी वाइस-चेयरमैन के तौर पर अगले तीन साल के लिए फिर से नियुक्त करने की मंजूरी भी दे दी है, जो शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर करेगा।