TVS Motor ने बताया है कि भारत में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों (EV) का बाजार **10%** के महत्वपूर्ण मुकाम को पार कर गया है। यह दर्शाता है कि अब ये वाहन आम ग्राहकों के बीच भी अपनी जगह बना रहे हैं। कंपनी भविष्य को लेकर सकारात्मक है, लेकिन उम्मीद करती है कि पिछले शानदार वित्तीय वर्ष के बाद, FY27 की पहली तिमाही में इंडस्ट्री वॉल्यूम ग्रोथ घटकर लगभग **10%** रह सकती है।
इलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार में ऐतिहासिकThe TVS Motor Company ने ऐलान किया है कि भारत में इलेक्ट्रिक दोपहिया (EV) वाहनों की पैठ (penetration) 10% के पार निकल गई है। यह एक बड़ा मील का पत्थर है, जो बताता है कि EV अब शुरुआती अपनाने वालों (early-adopters) से आगे बढ़कर आम ग्राहकों के बीच लोकप्रिय हो रहे हैं। TVS Motor के इंडिया टू-व्हीलर बिजनेस के प्रेसिडेंट, गौरव गुप्ता ने बताया कि पिछले साल जहां यह पैठ करीब 6% थी, वहीं अब यह 10% से ऊपर चली गई है।
इस ग्रोथ के पीछे क्या है?
इस तेज़ रफ़्तार का श्रेय बेहतर प्रोडक्ट्स की उपलब्धता, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर से बढ़ती जान-पहचान और 'बैटरी-एज-ए-सर्विस' जैसे मॉडलों को जाता है, जिनसे ग्राहकों के लिए शुरुआती खरीद लागत कम हो जाती है। इसके अलावा, लगातार बदलते पेट्रोल-डीज़ल के दाम और दिल्ली जैसे शहरों की EV पॉलिसी, जो 2028 तक नई दोपहिया रजिस्ट्रेसन को इलेक्ट्रिक बनाने का लक्ष्य रखती है, भी इस बदलाव को तेज़ी दे रहे हैं।
आगे का अनुमान: थोड़ी नरमी की उम्मीद
FY26 में, जहाँ टू-व्हीलर इंडस्ट्री में 12.6% की ग्रोथ देखी गई और TVS Motor ने 20% से ज़्यादा की ग्रोथ के साथ बाज़ार को पीछे छोड़ा, वहीं अब कंपनी अगले फाइनेंशियल ईयर (FY27) की पहली तिमाही में इंडस्ट्री वॉल्यूम ग्रोथ को करीब 10% रहने का अनुमान लगा रही है। TVS Motor का लक्ष्य इस बदलते बाज़ार में अपनी पकड़ बनाए रखना और इंडस्ट्री के औसत से बेहतर प्रदर्शन करना है।
हालांकि, कंपनी का नज़रिया सतर्कतापूर्ण लेकिन सकारात्मक है। मॉनसून का असर, पिछले साल की ऊंची ग्रोथ बेस की चुनौती और वैश्विक अनिश्चितताएं आगे चलकर प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती हैं। इन सब के बीच, TVS Motor अपने प्रोडक्ट्स को बेहतर बनाने, नई टेक्नोलॉजी लाने और अलग-अलग फ्यूल विकल्पों पर काम करने में लगातार निवेश कर रही है। जैसे-जैसे इंडस्ट्री परिपक्व होगी और कॉम्पिटिशन बढ़ेगा, TVS Motor की मार्केट में अपनी हिस्सेदारी बनाए रखने की काबिलियत पर निवेशकों की नज़र रहेगी।
