₹3,500 करोड़ से EV और ग्रोथ पर TVS Motor का फोकस
TVS Motor ने आने वाले फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए ₹3,500 करोड़ का बड़ा निवेश करने की योजना बनाई है। यह पैसा कंपनी की प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ाने, नए प्रोडक्ट्स को तेजी से लॉन्च करने और रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) को बढ़ावा देने में इस्तेमाल होगा। इस निवेश का मुख्य मकसद इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेगमेंट में अपनी मौजूदगी को मजबूत करना, प्रीमियम मोटरसाइकिल लाइनअप को और बेहतर बनाना और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाना है। कंपनी का लक्ष्य इस निवेश के जरिए विकास के अगले चरण को रफ्तार देना है, जिसके लिए भारत और विदेशों से लगातार मांग बनी हुई है।
FY26 में रिकॉर्ड रेवेन्यू और प्रॉफिट, EV सेगमेंट में तूफानी तेजी
TVS Motor ने FY26 को शानदार नतीजों के साथ खत्म किया है। कंपनी ने रिकॉर्ड ₹47,270 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले साल के मुकाबले 30% ज्यादा है। वहीं, नेट प्रॉफिट में 37% की बढ़ोतरी देखी गई और यह ₹3,615 करोड़ रहा। Q4 FY26 में भी कंपनी का रेवेन्यू ₹12,808 करोड़ के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेगमेंट इस ग्रोथ का एक बड़ा इंजन साबित हुआ है, जिसमें तिमाही बिक्री 51% बढ़कर 1.15 लाख यूनिट्स तक पहुंच गई। पूरे साल में 3.71 लाख EV यूनिट्स की बिक्री हुई, जिससे दुनिया भर में कंपनी के EV ग्राहकों की संख्या 9 लाख से ज्यादा हो गई है। कंपनी के ऑपरेटिंग EBITDA मार्जिन में भी सुधार हुआ, जो FY26 में 12.9% और Q4 FY26 में 13.1% रहा। हालांकि, चौथी तिमाही में कंपनी का खर्चा करीब 31% बढ़ा, जिसका मतलब है कि बिक्री की ग्रोथ की तुलना में मुनाफे की ग्रोथ थोड़ी धीमी रही।
EV मार्केट में TVS Motor का दबदबा, Bajaj Auto और Ather Energy को कड़ी टक्कर
TVS Motor अपनी एनुअल प्रोडक्शन कैपेसिटी को अगले साल 15 लाख यूनिट्स तक बढ़ाने की तैयारी में है, जिससे कुल कैपेसिटी करीब 83 लाख यूनिट्स तक पहुंच जाएगी। यह विस्तार ऐसे समय में हो रहा है जब भारत में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर मार्केट में फिर से तेजी आ रही है, जहां अप्रैल 2026 तक बिक्री 29.7% साल-दर-साल बढ़ी है। मई 2026 के मध्य तक, TVS Motor EV सेगमेंट में करीब 25% मार्केट शेयर के साथ अग्रणी है, वहीं Bajaj Auto 23% और Ather Energy 17% पर है। Bajaj Auto अपने Chetak मॉडल से कड़ी टक्कर दे रही है, जबकि Ather Energy भी बढ़ रही है लेकिन उसे भी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। Ola Electric, जिसका मार्केट शेयर मई 2026 में घटकर 8% रह गया था, अपने EV और बैटरी प्रोडक्शन को बढ़ाने के लिए ₹2,000 करोड़ का निवेश कर रही है। कुल मिलाकर, अप्रैल 2026 में भारतीय टू-व्हीलर मार्केट में 12.9% की ग्रोथ देखी गई, जिसमें इलेक्ट्रिक स्कूटर्स की हिस्सेदारी लगभग 9% रही। पिछले एक साल में TVS Motor के शेयर में 40% की तेजी आई है, लेकिन इसका P/E रेशियो (लगभग 55-62x) Bajaj Auto के 29.17x की तुलना में काफी ज्यादा है।
लागत वृद्धि और वैल्यूएशन का बढ़ता दबाव
इतने मजबूत फाइनेंशियल रिजल्ट्स और विस्तार योजनाओं के बावजूद, TVS Motor को कुछ बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष की वजह से स्टील, एल्युमिनियम, प्लास्टिक और कीमती धातुओं जैसी कमोडिटीज की कीमतें 10-34% तक बढ़ी हैं। इससे इनपुट कॉस्ट बढ़ रही है और प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव आ रहा है। इसके अलावा, ग्लोबल लॉजिस्टिक्स कॉस्ट और लंबे ट्रांजिट टाइम भी एक समस्या बने हुए हैं। TVS Motor ने लागत कम करने के उपाय शुरू कर दिए हैं और कुछ कीमतों में भी बढ़ोतरी की है, लेकिन यह देखना बाकी है कि क्या ये कदम महंगाई के असर को पूरी तरह खत्म कर पाएंगे। कंपनी का ऊंचा वैल्यूएशन (P/E रेशियो 55-62x) इसे जोखिम में डालता है, खासकर अगर योजनाओं के क्रियान्वयन में कोई कमी आती है या प्रतिस्पर्धा बढ़ती है। बढ़ती फ्यूल प्राइसेज EV की मांग बढ़ा सकती हैं, लेकिन साथ ही मैन्युफैक्चरर्स के ऑपरेशनल खर्चे भी बढ़ेंगे, जिससे मुनाफे पर असर पड़ सकता है यदि बढ़ी हुई लागत ग्राहकों से वसूल न की जाए। Ola Electric के बड़े निवेश से प्रतिस्पर्धा बढ़ने की संभावना है, जो दूसरे खिलाड़ियों के मार्केट शेयर पर असर डाल सकती है।
भविष्य की राह: एक्सपोर्ट और EV की मांग से ग्रोथ की उम्मीद
FY27 के लिए, TVS Motor को उम्मीद है कि एक्सपोर्ट और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी विकास को गति देते रहेंगे। कंपनी को अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका जैसे क्षेत्रों से अच्छी मांग की उम्मीद है। कंपनी का अनुमान है कि उसकी EV प्रोडक्शन जल्द ही प्रति माह करीब 50,000 यूनिट्स तक पहुंच जाएगी। हालांकि अप्रैल 2026 में सप्लाई चेन को कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ा था, लेकिन अब स्थिति में सुधार बताया जा रहा है। एनालिस्ट्स का रुख ज्यादातर पॉजिटिव है, और कई ब्रोकरेज हाउसेज ने 'Buy' या 'Outperform' रेटिंग बनाए रखी है, जिनके प्राइस टारगेट आम तौर पर ₹3,900 से ₹4,105 के बीच हैं। कंपनी के वैल्यूएशन और स्टॉक परफॉर्मेंस के लिए मुख्य कारक होंगे मार्जिन को बनाए रखना, EV ऑपरेशंस को प्रभावी ढंग से स्केल करना और एक्सपोर्ट के अवसरों का लाभ उठाना।