TVS Motor ने इस फेस्टिव सीजन में टू-व्हीलर इंडस्ट्री की ग्रोथ के प्रति सतर्क रुख अपनाया है। हाई बेस इफेक्ट और ग्रामीण मांग में नरमी के कारण कंपनी केवल सिंगल-डिजिट ग्रोथ की उम्मीद कर रही है। हालांकि, बाजार में अपनी हिस्सेदारी बचाने के लिए कंपनी ने Apache और Ronin सीरीज में **18** नए और रिफ्रेश मॉडल लॉन्च किए हैं।
बाजार की चुनौतियां
TVS Motor का मानना है कि इस फेस्टिव सीजन में टू-व्हीलर इंडस्ट्री की ग्रोथ सीमित रह सकती है। इसका बड़ा कारण पिछले साल का 'हाई बेस इफेक्ट' है, जब GST बदलावों के चलते बिक्री में अचानक उछाल देखा गया था। अब पिछले साल के उन आंकड़ों को पार करना इंडस्ट्री के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
रूरल डिमांड और कच्चे माल का दबाव
ग्रामीण इलाकों से आने वाली मांग में भी कमी दिख रही है। भले ही जलाशयों का स्तर 10 साल के औसत से ऊपर है, लेकिन पिछले साल की तुलना में यह कम है। इसके अलावा, खरीफ की फसल का उत्पादन पिछले चक्र की तुलना में 16% कम रहने का अनुमान है, जो ग्रामीण खरीदारी की भावना को प्रभावित कर सकता है।
ऑपरेशनल फ्रंट पर, कंपनी बढ़ती मेटल की कीमतों पर भी नजर रख रही है। अगर कच्चे माल की महंगाई (Inflationary pressure) बढ़ती रही, तो कंपनी दाम बढ़ाने पर विचार कर सकती है, जिससे ग्राहकों की खरीदारी क्षमता पर असर पड़ सकता है।
प्रीमियम पोर्टफोलियो पर दांव
बाजार की सुस्ती को मात देने के लिए कंपनी ने प्रीमियम सेगमेंट पर अपना पूरा जोर लगा दिया है। Apache और Ronin सीरीज में 18 नए मॉडल उतारकर कंपनी ग्राहकों को लुभाने की कोशिश कर रही है।
डेटा के मुताबिक, TVS का प्रीमियम मोटरसाइकिल पोर्टफोलियो पिछले दो कैलेंडर सालों में 29% की दर से बढ़ा है, जबकि पूरे प्रीमियम सेगमेंट की ग्रोथ केवल 12% रही है। अब निवेशकों की नजरें इस बात पर हैं कि क्या प्रीमियम सेगमेंट की यह रणनीति ग्रामीण इलाकों में गिरती मांग की भरपाई कर पाएगी या नहीं।
