इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में दिग्गजों की वापसी हो गई है। सितंबर के अंत तक TVS, Bajaj और Hero Vida ने कुल बाजार का **61.8%** हिस्सा अपने नाम कर लिया है, जिससे स्टार्टअप कंपनियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
भारत के इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेक्टर में अब पुरानी कंपनियों का बोलबाला बढ़ गया है। सितंबर के पहले 28 दिनों के आंकड़े बताते हैं कि पारंपरिक मैन्युफैक्चरर्स ने प्योर-प्ले इलेक्ट्रिक स्टार्टअप्स को कड़ी टक्कर दी है। अगस्त में इनका मार्केट शेयर 59.5% था, जो अब बढ़कर 61.8% हो गया है। यह साफ दर्शाता है कि ग्राहक अब पुरानी कंपनियों के भरोसे और उनके मजबूत सर्विस नेटवर्क को प्राथमिकता दे रहे हैं।
दिग्गजों की सेल्स रेस
फिलहाल बाजार में टॉप-3 का दबदबा कायम है। TVS Motor इस लिस्ट में सबसे आगे है, जिसने 49,677 रजिस्ट्रेशन के साथ 26.4% मार्केट शेयर हासिल किया है। वहीं, Bajaj Auto 44,480 रजिस्ट्रेशन और 23.6% शेयर के साथ दूसरे पायदान पर है। Hero Vida ने भी 22,109 रजिस्ट्रेशन के साथ 11.7% बाजार हिस्सेदारी दर्ज की है। इन कंपनियों की सफलता की बड़ी वजह उनकी दशकों पुरानी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और फिजिकल रिटेल प्रेजेंस है।
स्टार्टअप्स की बढ़ती मुश्किलें
टेक्नोलॉजी-फर्स्ट अप्रोच के साथ शुरुआत करने वाली स्टार्टअप कंपनियों के लिए अब बाजार में टिकना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। Ola Electric का मार्केट शेयर घटकर 6.4% रह गया है, जबकि Ather Energy अब अपनी नई रणनीति के तहत 'Rizta' मॉडल पर दांव लगा रही है। अब सबकी निगाहें अक्टूबर की सेल्स पर टिकी हैं कि क्या नई स्ट्रेटजी से ये कंपनियां फिर से मार्केट शेयर वापस पा सकेंगी।
सेक्टर में डिमांड बरकरार
बाजार की बदलती तस्वीर के बावजूद इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की मांग में कोई कमी नहीं है। सितंबर के केवल 28 दिनों में ही कुल 1.88 लाख यूनिट्स रजिस्टर हुई हैं, जबकि अगस्त के पूरे महीने में यह आंकड़ा 1.83 लाख था। Ampere और Ultraviolette जैसी कंपनियों ने भी इस महीने 32,000 से ज्यादा रजिस्ट्रेशन दर्ज किए हैं, जो साबित करता है कि भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का भविष्य बेहद उज्ज्वल है।
