बोर्डरूम में उठापटक: श्रीनिवासन की वापसी और बड़े फैसले पलटे
Sundaram Clayton के बोर्डरूम में इस हफ्ते अप्रत्याशित घटनाक्रम देखने को मिला। कंपनी के संस्थापक और चेयरमैन एमरिटस, वेणु श्रीनिवासन, लगभग दो साल बाद फिर से चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) के पद पर लौट आए हैं। उनके इस कदम के तुरंत बाद चेयरमैन आर. गोपालन ने इस्तीफा दे दिया, हालांकि वे नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर बने रहेंगे। इससे भी ज्यादा चौंकाने वाला फैसला कंपनी के सेक्रेटरी पी. डी. देव किशन को लेकर रहा। कंपनी ने पहले उन्हें पद से हटाने का फैसला किया था, लेकिन एक आपात बैठक में इसे पलट दिया गया और उन्हें दोबारा सेक्रेटरी व कंप्लायंस ऑफिसर बना दिया गया। ये तेजी से लिए गए फैसले तब आए जब एमडी लक्ष्मी वेणु ने कथित तौर पर श्रीनिवासन की रिपोर्टिंग लाइन और टीवीएस ग्रुप कंपनी के भीतर उनके रोजगार की स्थिति पर चिंता जताई थी।
बढ़ता घाटा और गिरता रेवेन्यू
कार्यकारी स्तर पर मची उथल-पुथल के बीच कंपनी की वित्तीय सेहत भी कमजोर नजर आ रही है, जो ऑटो एंसिलरी सेक्टर के सकारात्मक रुझानों के बिल्कुल विपरीत है। फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही में Sundaram Clayton का नेट लॉस बढ़कर ₹51.92 करोड़ हो गया, जो पिछले साल की इसी अवधि से 18% ज्यादा है। इसी दौरान, कंपनी का रेवेन्यू 5% घटकर ₹505.96 करोड़ पर आ गया। पिछले बारह महीनों की प्रति शेयर आय (EPS) भी नकारात्मक (-₹13.80) बनी हुई है, जिससे पारंपरिक वैल्यूएशन मेट्रिक्स पर सवाल खड़े होते हैं।
निवेशकों की घबराहट: शेयर में भारी बिकवाली
बाजार ने इस अस्थिरता और वित्तीय दबाव पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। सोमवार, 30 मार्च 2026 को, Sundaram Clayton के शेयर NSE पर 7.34% लुढ़ककर ₹1,189 पर बंद हुए। यह भारी गिरावट पिछले एक साल में शेयर में 40% से अधिक की गिरावट के बाद आई है। बाजार की यह प्रतिक्रिया कंपनी की रणनीति और गवर्नेंस पर विश्वास की कमी को दर्शाती है, खासकर तब जब सेक्टर में ग्रोथ की उम्मीदें हैं।
गवर्नेंस पर सवाल और वैल्यूएशन में बड़ी खाई
नेतृत्व में तेजी से हुए बदलाव, जिसमें एक कार्मिक निर्णय को पलटना भी शामिल है, Sundaram Clayton की गवर्नेंस की स्थिरता और उत्तराधिकार योजना पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। वेणु श्रीनिवासन की वापसी को एक सोची-समझी योजना के बजाय नेतृत्व को स्थिर करने की एक प्रतिक्रियाशील चाल माना जा रहा है। इस आंतरिक कलह के बीच, कंपनी का वैल्यूएशन उद्योग के दिग्गजों की तुलना में काफी कम है। Sundaram Clayton का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹2,600-₹2,900 करोड़ के आसपास है, जो Samvardhana Motherson (मार्केट कैप ₹1 ट्रिलियन से अधिक) या Bosch India (मार्केट कैप ₹800,000 करोड़ से अधिक) जैसे प्रमुख खिलाड़ियों से काफी छोटा है। कंपनी के ROE जैसे लाभप्रदता मेट्रिक्स में भारी उतार-चढ़ाव या नकारात्मकता देखी जाती है, जो स्थापित साथियों के डबल-डिजिट रिटर्न के विपरीत है। विश्लेषकों की सीमित कवरेज और स्वतंत्र शोध फर्मों द्वारा अतीत में 'Strong Sell' रेटिंग भी निवेशकों के संदेह को बढ़ाती है।
सेक्टर की ग्रोथ बनाम कंपनी की चुनौतियाँ
भारतीय ऑटो एंसिलरी सेक्टर, जिसमें इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) और नई मोबिलिटी तकनीकों से बढ़त की उम्मीद है, अच्छी स्थिति में है। विश्लेषकों को अगले फाइनेंशियल ईयर में सेक्टर में स्थिर रेवेन्यू ग्रोथ की उम्मीद है। हालांकि, Sundaram Clayton का तात्कालिक भविष्य निवेशकों का विश्वास फिर से हासिल करने, वित्तीय चुनौतियों का सामना करने और सेक्टर की बाधाओं के बीच परिचालन स्थिरता का एक स्पष्ट मार्ग दिखाने पर निर्भर करेगा।