Stellantis ने भारत में अपनी पैठ मजबूत करने के लिए **₹4,000 करोड़** के निवेश का ऐलान किया है। कंपनी 2030 तक Jeep और Citroen के 12 नए और अपडेटेड मॉडल बाजार में उतारेगी।
भारत के ऑटो सेक्टर में Stellantis ने एक बड़ी घोषणा की है। कंपनी 2030 तक ₹4,000 करोड़ का अतिरिक्त निवेश करेगी, जिससे भारत में कुल निवेश बढ़कर ₹15,000 करोड़ हो जाएगा। इस फंड का इस्तेमाल Jeep और Citroen ब्रांड्स के 12 नए और रिफ्रेश मॉडल्स को लाने में किया जाएगा, जिसमें हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक गाड़ियां भी शामिल होंगी।
टाटा मोटर्स के साथ मजबूत पार्टनरशिप
इस विस्तार योजना का एक अहम हिस्सा Tata Motors के साथ गहराता सहयोग है। अक्टूबर 2026 में हुए समझौते के तहत, Stellantis अब Tata Motors Passenger Vehicles की प्रोप्राइटरी व्हीकल आर्किटेक्चर और टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करेगी। यह साझेदारी Fiat India Automobiles Private (50:50 जॉइंट वेंचर) के जरिए मैन्युफैक्चरिंग को तेज करने और प्रोडक्शन कॉस्ट घटाने में मदद करेगी, जो भारतीय बाजार की कीमतों के हिसाब से काफी जरूरी है।
क्या है असली चुनौती?
वर्तमान में पैसेंजर व्हीकल मार्केट में Stellantis की हिस्सेदारी 0.26% के आसपास है, जिसे कंपनी तीन गुना करना चाहती है। हालांकि, यह राह आसान नहीं है। Maruti Suzuki, Hyundai, Tata Motors और Mahindra & Mahindra जैसे दिग्गजों के विशाल डीलर नेटवर्क और ब्रांड वैल्यू के सामने टिकना एक बड़ी चुनौती है।
निवेशकों के लिए अहम संकेत
कंपनी अपने पहले नए मॉडल को अगले कैलेंडर ईयर की दूसरी तिमाही में लॉन्च करने की तैयारी में है। निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि क्या ये 12 मॉडल भारतीय ग्राहकों की पसंद (फ्यूल एफिशिएंसी और लो मेंटेनेंस कॉस्ट) पर खरे उतरते हैं या नहीं। सफलता इस बात पर भी निर्भर करेगी कि कंपनी अपनी सर्विस और डीलर नेटवर्क को कितनी तेजी से फैला पाती है।
