ग्लोबल ऑटोमेकर Stellantis ने भारत में अपने बिजनेस के लिए **₹4,000 करोड़** के भारी-भरकम निवेश का ऐलान किया है। कंपनी **2030** तक Jeep और Citroen ब्रांड्स के तहत **12** नए मॉडल लॉन्च करने की तैयारी में है।
बड़े विस्तार की तैयारी
Stellantis ने अपनी लॉन्ग-टर्म 'FaSTLAne 2030' रणनीति के तहत भारत में ₹4,000 करोड़ का अतिरिक्त निवेश करने का फैसला किया है। इसके बाद देश में कंपनी का कुल निवेश बढ़कर ₹15,000 करोड़ के आसपास पहुंच जाएगा। इस प्लान का लक्ष्य 2027 की दूसरी तिमाही से 12 नए व्हीकल मॉडल्स उतारना है, जिनमें 7 बिल्कुल नए प्रोडक्ट और 5 बड़े अपग्रेड्स शामिल हैं।
ब्रांड्स की अलग रणनीति
कंपनी ने अपने ब्रांड्स के लिए दो स्पष्ट रास्ते चुने हैं:
- Jeep: यह ब्रांड प्रीमियम SUV सेगमेंट में अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखेगा और नए पावरट्रेन ऑप्शंस पर ध्यान देगा।
- Citroen: यह मास-मार्केट सेगमेंट में डिजाइन और प्राइसिंग के दम पर बड़े खिलाड़ियों को टक्कर देने की कोशिश करेगा।
कॉम्पिटिशन और लोकलाइजेशन
भारतीय बाजार में Maruti Suzuki, Hyundai, Tata Motors और Mahindra जैसे दिग्गजों के बीच अपनी जगह बनाना कंपनी के लिए बड़ी चुनौती है। इन चुनौतियों से निपटने के लिए कंपनी 90% लोकलाइजेशन का लक्ष्य लेकर चल रही है, ताकि प्रोडक्शन कॉस्ट को घटाया जा सके।
एक्सपोर्ट का मजबूत आधार
Stellantis के पास रंजनगांव, तिरुवल्लूर और होसुर में मैन्युफैक्चरिंग प्लांट हैं। इनमें से होसुर प्लांट एक बड़ा एक्सपोर्ट हब है, जहाँ से कंपनी 95% इंजन और गियरबॉक्स 50 से ज्यादा देशों में निर्यात करती है। यह एक्सपोर्ट रेवेन्यू कंपनी के लिए घरेलू बिक्री के अलावा कमाई का एक अहम जरिया बना हुआ है।
