लग्जरी कार ब्रांड Maserati को घाटे से उबारने के लिए Stellantis अब चीन की कंपनियों की मदद लेने जा रही है। कंपनी Huawei और JAC Group के साथ मिलकर नई टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग को सुधारने पर काम कर रही है।
Maserati की हालत पिछले कुछ समय से काफी खराब चल रही है। 2025 में कंपनी का कामकाज बेहद दबाव में रहा और ब्रांड ने दुनिया भर में 8,000 से भी कम गाड़ियां बेचीं। इस सुस्ती के चलते कंपनी को €198 मिलियन का बड़ा ऑपरेटिंग लॉस झेलना पड़ा है।
नई टेक्नोलॉजी और प्रोडक्शन पर फोकस
Stellantis अब Maserati में जान फूंकने के लिए चीन की दिग्गज कंपनी Huawei और ऑटोमेकर JAC Group से बातचीत कर रही है। इस साझेदारी के जरिए Maserati के इटली स्थित Cassino और Modena प्लांट्स में Huawei की 'Harmony Intelligent Mobility' सॉफ्टवेयर और JAC की मैन्युफैक्चरिंग एक्सपर्टाइज को लागू किया जाएगा। कंपनी का मानना है कि प्रोडक्शन में आ रही दिक्कतों को इन पार्टनरशिप्स के जरिए दूर किया जा सकता है।
इससे पहले भी Stellantis चीन के साथ मिलकर काम कर चुकी है, जिसमें कंपनी ने Leapmotor में 21% हिस्सेदारी खरीदी थी।
निवेशकों के लिए चुनौतियां और रिस्क
हालात अभी भी चुनौतीपूर्ण हैं क्योंकि Stellantis को खुद 2025 में €22.3 बिलियन का बड़ा नेट लॉस हुआ है। निवेशकों के लिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या मास-मार्केट टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से Maserati का 'लग्जरी' इमेज बरकरार रह पाएगा? इस टर्नअराउंड प्लान की पूरी सच्चाई दिसंबर 2026 में कंपनी के आधिकारिक ऐलान के बाद ही साफ हो पाएगी।
