स्कोडा-फॉक्सवैगन इंडिया को ईवी और नीति स्थिरता के लिए बजट में मदद चाहिए

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
स्कोडा-फॉक्सवैगन इंडिया को ईवी और नीति स्थिरता के लिए बजट में मदद चाहिए
Overview

स्कोडा ऑटो वोक्सवैगन इंडिया के एमडी और सीईओ पियूष अरोड़ा, ऑटोमोटिव सेक्टर की गति बनाए रखने के लिए आगामी केंद्रीय बजट में प्रमुख उपायों का आह्वान कर रहे हैं। उनकी प्राथमिकताओं में जीएसटी से संबंधित नीतिगत निरंतरता और इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) पारिस्थितिकी तंत्र पर बढ़ा हुआ ध्यान शामिल है, जिसमें आयात शुल्क को संबोधित करना और चार्जिंग बुनियादी ढांचे को बढ़ाना शामिल है। अरोड़ा ने सीएएफई जैसे मानदंडों पर नियामक स्पष्टता की आवश्यकता और द्विपक्षीय व्यापार समझौतों की महत्वपूर्ण क्षमता पर भी प्रकाश डाला। कंपनी की रणनीति 'स्थानीय के लिए स्थानीय' उत्पाद विकास और घरेलू और निर्यात दोनों बाजारों के लिए गहन स्थानीयकरण पर जोर देती है।

1. एक साथ जुड़ने वाली कड़ी (Flow Rule):
Skoda Auto Volkswagen India के नेतृत्व पर यह जोर एक गतिशील ऑटोमोटिव बाजार के बीच आया है। कंपनी, जो भारत में Skoda, Volkswagen, Audi, Bentley, Lamborghini, और Porsche सहित छह ब्रांडों का प्रबंधन करने वाली एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी है, मानती है कि वस्तु और सेवा कर (GST) जैसी नीतियों में निरंतरता, जिसने पहले यात्री वाहन उद्योग को पुनर्जीवित करने में मदद की थी, निवेशकों के विश्वास के लिए सर्वोपरि है। ईवी क्षेत्र, चार्जिंग बुनियादी ढांचे पर बढ़ा हुआ ध्यान और इलेक्ट्रिक व पारंपरिक वाहनों के बीच मूल्य अंतर को कम करने की मांग, भारतीय ऑटोमोटिव परिदृश्य की बदलती जरूरतों को सीधे संबोधित करती है, जहां 2025 में ईवी पंजीकरण 2.3 मिलियन यूनिट तक पहुंचने का अनुमान है।

2. एक साथ जुड़ने वाली कड़ी (Flow Rule):
Skoda Auto Volkswagen India का हालिया प्रदर्शन भारतीय बाजार में उनकी कार्यात्मक शक्ति को दर्शाता है। कंपनी ने 2025 में अपनी अब तक की सबसे अधिक घरेलू बिक्री 117,000 यूनिट्स दर्ज की, जो 36% साल-दर-साल वृद्धि दर्शाती है, और निर्यात सहित कुल बिक्री 159,500 यूनिट्स रही। इस अवधि में 'मेड-इन-इंडिया' वाहनों के दो मिलियन से अधिक यूनिट्स के उत्पादन का मील का पत्थर भी देखा गया, जिसे पुणे और छत्रपति संभाजी नगर संयंत्रों में लगभग €600 मिलियन के निवेश का समर्थन प्राप्त है। Skoda Kylaq जैसे मॉडलों की सफलता, जिसने 2025 की बिक्री में 45,000 से अधिक यूनिट्स का योगदान दिया, उनकी 'स्थानीय के लिए स्थानीय' रणनीति की प्रभावशीलता को उजागर करती है। Volkswagen AG, मूल कंपनी, का बाजार पूंजीकरण जनवरी 2026 तक लगभग $63.37 बिलियन USD है और P/E अनुपात लगभग 6.75 है। इसका स्टॉक (VOW3:GER) जनवरी 2026 के अंत में लगभग 105.50 EUR पर कारोबार कर रहा था।

Policy Continuity and EV Ecosystem Imperatives

Piyush Arora, MD और CEO, Skoda Auto Volkswagen India, ने इस बात पर जोर दिया कि नीति निरंतरता ऑटोमोटिव क्षेत्र के लिए "extremely important" है। उनके बयान पिछले GST सुधारों के सकारात्मक प्रभाव के बाद आए हैं [cited in input]। आगामी Union Budget के लिए, Arora विशेष रूप से इलेक्ट्रिक वाहनों पर आयात शुल्क को संबोधित करने और एक मजबूत EV पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने के लिए उपायों की मांग कर रहे हैं। इसमें चार्जिंग बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और उपभोक्ता अपनाने में तेजी लाने के लिए रेंज की चिंता को दूर करना शामिल है। व्यापक भारतीय EV बाजार में 2025 में 2.3 मिलियन यूनिट्स से अधिक पंजीकरण हुए, जो कुल वाहन पंजीकरण का लगभग 8% है, जो इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर एक महत्वपूर्ण बदलाव दर्शाता है। हालांकि, नियामक अनिश्चितता और बेहतर बुनियादी ढांचे की आवश्यकता जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं।

Regulatory Clarity and Trade Expansion

Arora ने नियामक स्पष्टता की आवश्यकता की ओर भी इशारा किया, कॉर्पोरेट औसत ईंधन अर्थव्यवस्था (CAFE) मानदंडों की अंतिम अधिसूचना में देरी का उल्लेख किया। निर्माताओं की योजना और निवेश के लिए एक स्पष्ट रोडमैप और तकनीकों में स्थिरता महत्वपूर्ण है [cited in input]। सरकार ने CAFE मानकों के लिए मसौदा नियम जारी किए हैं, जो अप्रैल 2027 से मार्च 2032 तक यात्री वाहन ईंधन की खपत और कार्बन उत्सर्जन को नियंत्रित करेंगे, जिसके लिए उद्योग अंतिम अधिसूचना की प्रतीक्षा कर रहा है। इसके अलावा, भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते जैसे द्विपक्षीय व्यापार समझौतों की क्षमता, भारतीय बाजार में वैश्विक उत्पादों और प्रौद्योगिकियों की शुरुआत को महत्वपूर्ण रूप से तेज कर सकती है, जिससे Skoda और Audi जैसे ब्रांडों को लाभ होगा।

The 'Local for Local' Strategy Amidst Global Integration

Skoda Auto Volkswagen India की मुख्य रणनीति, "local for local", भारत में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए उत्पादों को विकसित करने पर केंद्रित है। यह दृष्टिकोण, गहन स्थानीयकरण के प्रयासों के साथ मिलकर, वॉल्यूम वृद्धि को बढ़ावा देने और प्रतिस्पर्धी मूल्य बिंदुओं पर वैश्विक प्रौद्योगिकियों को पेश करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। भारत Skoda के लिए एक प्रमुख बाजार बन गया है, जिसने 2025 में 1 मिलियन कारों के वैश्विक बिक्री मील के पत्थर में योगदान दिया है। समूह वाहन असेंबली को भी सक्रिय रूप से स्थानीयकृत कर रहा है, जैसे कि छत्रपति संभाजी नगर में Volkswagen Tayron R-Line SUV की हाल ही में शुरू हुई स्थानीय असेंबली, जिसका उद्देश्य प्रीमियम वाहनों को अधिक सुलभ बनाना है। भारत से निर्यात भी बढ़ा है, जो कुल 715,000 यूनिट्स तक पहुंच गया है, जिससे समूह के लिए निर्यात हब के रूप में भारत की स्थिति मजबूत हुई है।

Sector Outlook and Competitive Landscape

भारतीय ऑटोमोटिव क्षेत्र में निरंतर वृद्धि का अनुमान है, जिसमें समग्र यात्री वाहन बाजार 2026 में 5-6% बढ़ने की उम्मीद है [cited in input]। विश्लेषकों का अनुमान है कि भारतीय यात्री कार बाजार 2026 और 2031 के बीच 7.51% CAGR से बढ़ेगा, जो 2031 तक अनुमानित USD 63.84 बिलियन तक पहुंच जाएगा। SUVs वर्तमान में बाजार पर हावी हैं, जिनका 2025 में 53% से अधिक हिस्सा रहा। EV खंड में, Tata Motors 2025 में 39.6% बाजार हिस्सेदारी के साथ अग्रणी है, जिसके बाद JSW MG Motor और Mahindra & Mahindra हैं। Tata Motors और Hyundai जैसे प्रतियोगी EV प्रौद्योगिकी और क्षमता विस्तार में महत्वपूर्ण निवेश कर रहे हैं। उद्योग को बैटरी सामग्री के लिए आपूर्ति श्रृंखला की बाधाओं और व्यापक चार्जिंग बुनियादी ढांचे की आवश्यकता जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। नियामक वातावरण, विशेष रूप से CAFE-III जैसे उत्सर्जन मानकों के आसपास, विकसित हो रहा है, जिसमें उद्योग भविष्य के उत्पाद विकास की योजना बनाने के लिए अंतिम अधिसूचनाओं की प्रतीक्षा कर रहा है।

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