इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर मेकर Simple Energy अब अपने प्रोडक्शन को बढ़ाने के लिए नए फंड की तलाश में है। कंपनी का लक्ष्य मार्च 2027 तक मासिक उत्पादन को **10,000** यूनिट तक ले जाना है ताकि वह बाजार में बड़ी कंपनियों को टक्कर दे सके और साल **2028** तक IPO ला सके।
उत्पादन बढ़ाने की चुनौती
बेंगलुरु स्थित स्टार्टअप Simple Energy अपनी हालिया लॉन्च हुई 'Wave' इलेक्ट्रिक स्कूटर की भारी मांग को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रही है। 2 सितंबर 2026 को ₹1,09,999 की कीमत पर लॉन्च हुए इस स्कूटर का वर्तमान उत्पादन केवल 1,500 से 2,000 यूनिट प्रति माह तक सीमित है। सप्लाई चेन की बाधाओं को दूर करने और फैक्ट्री क्षमता को अपग्रेड करने के लिए कंपनी को बड़ी पूंजी की जरूरत है।
वित्तीय स्थिति और कर्ज का बोझ
कंपनी के फाइनेंशियल आंकड़ों पर नजर डालें तो विकास के साथ चुनौतियां भी साफ दिखती हैं। FY26 में कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर ₹170 करोड़ के करीब पहुंच गया, जो FY25 में सिर्फ ₹40 करोड़ था। हालांकि, इस ग्रोथ के साथ खर्च भी भारी है; FY25 में कंपनी को ₹83 करोड़ का नेट लॉस हुआ था। जून 2026 में कंपनी ने डेट और इक्विटी के जरिए ₹250 करोड़ जुटाए थे, लेकिन बढ़ते कर्ज के बोझ और नकदी के प्रबंधन के बीच कंपनी को अपने डेट-टू-इक्विटी रेशियो को संतुलित रखना होगा।
कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच भविष्य की राह
भारतीय EV मार्केट में Simple Energy का मुकाबला Ola Electric, Ather Energy, TVS Motor Company, Bajaj Auto और Hero MotoCorp जैसी दिग्गज कंपनियों से है। अगले 18 महीनों में टॉप 5 खिलाड़ियों में शामिल होने के लिए कंपनी को न केवल उत्पादन बढ़ाना होगा, बल्कि क्वालिटी और डिलीवरी स्पीड पर भी ध्यान देना होगा। मार्केट अब यह देख रहा है कि क्या कंपनी कर्ज के बोझ को नियंत्रित रखते हुए अपने मुनाफे के लक्ष्य को हासिल कर पाती है या नहीं।
