आज शेयर बाजार में तीन कंपनियों Shanthi Gears, Ratnamani Metals और Quadrant Future Tek के शेयरों में जबरदस्त उछाल देखा गया। Shanthi Gears में प्रमोटर की हिस्सेदारी बढ़ी, Ratnamani Metals को बड़ा एक्सपोर्ट कॉन्ट्रैक्ट मिला, वहीं Quadrant Future Tek ने रेवेन्यू ग्रोथ और रेलवे प्रोजेक्ट्स पर अपडेट से निवेशकों को लुभाया। हालांकि, इन तेजी के पीछे कुछ खास रिस्क भी छिपे हैं, जिन पर निवेशकों को गौर करना चाहिए।
Shanthi Gears: प्रमोटर की हिस्सेदारी बढ़ी, शेयर भागा!
सोमवार, 24 अगस्त 2026 को Shanthi Gears के शेयरों में खासी तेजी देखी गई। इसकी वजह कंपनी के प्रमोटर Tube Investments of India द्वारा 2.69% हिस्सेदारी, यानी 20 लाख से ज्यादा शेयर खरीदना रही। इस खरीदारी के बाद प्रमोटर की कुल हिस्सेदारी बढ़कर 73.16% हो गई है। आम तौर पर, जब प्रमोटर कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाते हैं, तो इसे मैनेजमेंट का मैनेजमेंट के बिजनेस पर भरोसे का संकेत माना जाता है। Shanthi Gears गियर बनाने का काम करती है। हालांकि, गौर करने वाली बात यह है कि पिछले दो दिनों में शेयर में तेज उछाल आया है, जिसे कुछ जानकारों का मानना है कि यह मौजूदा नतीजों से आगे निकल सकता है और वैल्यूएशन को लेकर चिंता बढ़ा सकता है।
Ratnamani Metals: एक्सपोर्ट ऑर्डर से कंपनी मालामाल!
Ratnamani Metals & Tubes के शेयर भी उछले, क्योंकि उनकी सब्सिडियरी Ratnamani Finow Spooling Solutions को करीब $286 मिलियन (यानी लगभग ₹2,700 करोड़) के स्पूल और हैंगर के एक्सपोर्ट ऑर्डर मिले हैं। इन ऑर्डर्स को अगले दो से तीन सालों में पूरा किया जाना है। ऑर्डर की रकम तो बड़ी है, लेकिन कंपनी के बिजनेस मॉडल में इन-हाउस मैन्युफैक्चरिंग के साथ-साथ सब-कॉन्ट्रैक्टिंग का भी इस्तेमाल होगा। निवेशकों को प्रॉफिट मार्जिन पर इसके असर पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि सब-कॉन्ट्रैक्टिंग से होने वाली कमाई अक्सर इन-हाउस मैन्युफैक्चरिंग से कम होती है। इसके अलावा, कंपनी करेंसी के उतार-चढ़ाव के रिस्क का भी सामना कर सकती है, जो बड़े एक्सपोर्ट सौदों की प्रॉफिटेबिलिटी पर असर डाल सकता है।
Quadrant Future Tek: रेलवे प्रोजेक्ट्स और रेवेन्यू ग्रोथ
Quadrant Future Tek के शेयर जून 2026 की तिमाही के नतीजों के बाद चढ़े। कंपनी ने साल-दर-साल आधार पर 41% की रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की, जो ₹406 मिलियन रही। बाजार की नजरें कंपनी के भारतीय रेलवे के लिए KAVACH 4.0 सेफ्टी सिस्टम पर चल रहे काम पर टिकी हैं। यह सिस्टम फिलहाल लाइव फील्ड वैलिडेशन फेज में है। हालांकि रेवेन्यू ग्रोथ अच्छी रही है, कंपनी को लगातार नेट लॉस हो रहा है। हाल की तिमाही में ₹91 मिलियन का लॉस दर्ज किया गया। कंपनी का प्रॉफिटेबिलिटी की ओर बढ़ना रेलवे सिग्नलिंग प्रोजेक्ट्स की सफलता और फाइनल अप्रूवल मिलने पर निर्भर करेगा। निवेशक इन ट्रायल्स की प्रगति पर नजर रख सकते हैं, क्योंकि सर्टिफिकेशन में देरी या लागत बढ़ने से कंपनी की वित्तीय सेहत पर असर पड़ सकता है।
