Setco Automotive ने अप्रैल-जून 2026 तिमाही में **₹203.61 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, लेकिन निवेशकों को यह समझने की जरूरत है कि यह मुनाफा कोर बिजनेस से नहीं, बल्कि वन-टाइम इन्वेस्टमेंट गेन से आया है। साथ ही, कंपनी अपनी घाटे में चल रही सब्सिडियरी Lava Cast का विलय कर रही है।
मुनाफे का सच
Setco Automotive का ₹203.61 करोड़ का नेट प्रॉफिट ऊपरी तौर पर भले ही शानदार लग रहा हो, लेकिन इसके पीछे की असली वजह कंपनी का ऑपरेशनल परफॉर्मेंस नहीं है। कंपनी को ₹214.28 करोड़ का इन्वेस्टमेंट गेन और ₹2.25 करोड़ की नॉन-कंपीट इनकम मिली है। यदि इन वन-टाइम गेन्स को हटा दें, तो कंपनी के कोर बिजनेस पर लागत का भारी दबाव है। कंपनी का मटेरियल खर्च 38.9% बढ़कर ₹27.95 करोड़ और एम्प्लॉई कॉस्ट 84.2% बढ़कर ₹19.49 करोड़ हो गई है।
घाटे वाली सब्सिडियरी का मर्जर
बोर्ड ने अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी Lava Cast के विलय को मंजूरी दी है। Lava Cast की नेट वर्थ ₹136.71 करोड़ नेगेटिव है। इस मर्जर का मकसद एडमिनिस्ट्रेटिव और ऑडिट खर्चों को कम करना है। इससे पहले कंपनी ने Setco Auto Systems का आंशिक हिस्सा RSB Transmissions को करीब ₹215 करोड़ में बेचकर अपना पोर्टफोलियो रिस्ट्रक्चर किया था।
ऑडिटर्स की चेतावनी
निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चिंता ऑडिटर्स की रिपोर्ट है। ऑडिटर्स ने Lava Cast के 'गोइंग कंसर्न' (Going Concern) स्टेटस पर सवाल उठाए हैं। साथ ही, चार विदेशी इकाइयों के अनऑडिटेड डेटा के इस्तेमाल पर भी ऑडिटर्स ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई है, जो कंपनी के गवर्नेंस और फाइनेंशियल ट्रांसपेरेंसी पर बड़े सवाल खड़े करते हैं। भविष्य में कंपनी के लिए अपनी ऑपरेशनल एफिशिएंसी साबित करना एक बड़ी चुनौती होगी।
