ऑटो पार्ट्स बनाने वाली दिग्गज कंपनी Schaeffler ने यूरोप में बड़े बदलाव का ऐलान किया है। कमजोर मांग और इलेक्ट्रिक व्हीकल की धीमी रफ्तार के बीच कंपनी **3,460** नौकरियां कम कर रही है और **5** मैन्युफैक्चरिंग प्लांट बंद करेगी। भारतीय निवेशकों के लिए राहत की बात यह है कि Schaeffler India पर इसका कोई असर नहीं है।
यूरोप में बड़े बदलाव की तैयारी
ऑटोमोटिव सेक्टर में सुस्ती का असर अब बड़ी कंपनियों की बैलेंस शीट पर दिखने लगा है। Schaeffler AG ने अपने यूरोप ऑपरेशंस में बड़े स्तर पर छंटनी का फैसला लिया है। कंपनी मुख्य रूप से पुराने इंजन पार्ट्स (Internal Combustion Engines) की गिरती डिमांड और इलेक्ट्रिक व्हीकल की ओर धीमी रफ्तार के चलते दबाव में है।
क्या है कंपनी का प्लान?
कंपनी का लक्ष्य 2030 तक सालाना €300 मिलियन (करीब ₹2,700 करोड़+) की बचत करना है। इस प्लान के तहत कंपनी 5 फैक्ट्रियां बंद करेगी, जिनमें से 4 जर्मनी में हैं और 1 बेल्जियम में। इस पूरी प्रक्रिया में कंपनी को करीब €480 मिलियन का खर्च उठाना पड़ेगा, जिसे 2026 की फाइनेंशियल स्टेटमेंट में दर्ज किया जाएगा।
फाइनेंशियल सेहत पर नजर
कंपनी के हालिया आंकड़े काफी चुनौतीपूर्ण हैं। सितंबर 2026 तक कंपनी पर नेट डेट (Net Debt) बढ़कर €5.30 बिलियन पहुंच गया है, जो 2025 के अंत में €4.92 बिलियन था। वहीं, तीसरी तिमाही में रेवेन्यू में 2.0% की गिरावट दर्ज की गई है, जिसका मुख्य कारण यूरोप और चीन के बाजारों में सुस्त मांग है।
भारतीय निवेशकों के लिए जरूरी स्पष्टीकरण
अगर आप भारतीय बाजार में Schaeffler India के शेयर होल्डर हैं, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। Schaeffler India एक अलग और इंडिपेंडेंट लिस्टेड कंपनी है। अब तक कंपनी ने ऐसी किसी भी छंटनी या रीस्ट्रक्चरिंग का ऐलान नहीं किया है, और इसके कामकाज का यूरोप के इन फैसलों से कोई सीधा लेना-देना नहीं है।
