ऑटोमोटिव कंपोनेंट बनाने वाली कंपनी Schaeffler India के शेयरों में **2.14%** की तेजी देखी गई। यह उछाल कंपनी के Q2 2026 के नतीजों और एक नए COO की नियुक्ति के ऐलान के बाद आया है। कंपनी ने पिछले साल की इसी तिमाही की तुलना में रेवेन्यू में **17.5%** की वृद्धि दर्ज की है।
Schaeffler India के शेयर में आई तेजी
आज शेयर बाजार में ऑटोमोटिव कंपोनेंट बनाने वाली कंपनी Schaeffler India के शेयरों ने निवेशकों को खुश कर दिया। कंपनी के दूसरी तिमाही (Q2 2026) के नतीजे और एक नए चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) की नियुक्ति के ऐलान के बाद, स्टॉक में 2.14% की तेजी आई और यह ₹4,150.00 पर पहुंच गया।
कैसे रहे कंपनी के नतीजे?
जून 2026 को समाप्त तिमाही के लिए, Schaeffler India ने ₹2,681.4 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया। यह पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 17.5% की शानदार वृद्धि है। कंपनी का नेट प्रॉफिट (Net Profit) ₹336.7 करोड़ रहा, जिसका मतलब है कि लगभग 12.6% का प्रॉफिट मार्जिन बना रहा। यह ऑटो पार्ट्स जैसे कैपिटल-इंटेंसिव सेक्टर में एक मजबूत वित्तीय स्थिति का संकेत है, क्योंकि कंपनी पर कोई कर्ज (Debt-free) नहीं है।
नेतृत्व में बदलाव: नए COO की एंट्री
कंपनी ने नेतृत्व टीम में भी बदलाव की घोषणा की है। अमित भालराव को 10 अगस्त, 2026 से नया चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) नियुक्त किया गया है। वे मैन्युफैक्चरिंग और लोकल प्रोडक्शन की रणनीतियों की देखरेख करेंगे, जिससे कंपनी की मौजूदा मार्केट में स्थिति और मजबूत होगी।
निवेशकों को किन बातों पर रखनी है नजर?
इस ग्रोथ के बावजूद, निवेशक कुछ जोखिमों पर भी बारीकी से नजर रख रहे हैं। हालिया तिमाही के आंकड़ों से पता चलता है कि लागत बढ़ने और ग्लोबल इकोनॉमिक कंडीशन में बदलाव के कारण प्रॉफिट मार्जिन पर थोड़ा दबाव आया है। इसके अलावा, जून तिमाही में वर्किंग कैपिटल की जरूरतें बढ़ी हैं, जिससे फ्री कैश फ्लो (Free Cash Flow) पर कुछ दबाव पड़ा है।
वैल्यूएशन और आगे की राह
वैल्यूएशन के नजरिए से, शेयर फिलहाल अपनी बुक वैल्यू की तुलना में ऊंचे मल्टीपल पर ट्रेड कर रहा है। इसका मतलब है कि बाजार कंपनी से भविष्य में ग्रोथ की काफी उम्मीदें लगा रहा है। आने वाली तिमाहियों में, शेयरधारकों के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या Schaeffler India अपने मार्जिन को बनाए रखते हुए बढ़ी हुई वर्किंग कैपिटल को सफलतापूर्वक मैनेज कर पाती है।
कंपनी ने मार्च 2026 में समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए प्रति शेयर ₹35 का फाइनल डिविडेंड (Dividend) भी घोषित किया है। निवेशकों के लिए मैनेजमेंट की कमेंट्री सबसे महत्वपूर्ण होगी कि वे मार्जिन प्रोटेक्शन और एक्सपैंशन के बीच कैसे संतुलन बनाने की योजना बना रहे हैं, साथ ही नए ऑपरेशनल लीडरशिप के शुरुआती प्रदर्शन का प्रभाव भी देखा जाएगा।
