Schaeffler India के मैनेजिंग डायरेक्टर Harsha Kadam को **19 अक्टूबर** को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। यह कार्रवाई जून में कंपनी के तलेगांव प्लांट में हुए एक जानलेवा हादसे के सिलसिले में की गई है।
हादसे की पूरी कहानी
यह मामला 9 जून को पुणे के तलेगांव में स्थित Schaeffler India की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट से जुड़ा है। एक सिलेंडर बदलने की प्रक्रिया के दौरान अचानक कार्बन डाइऑक्साइड लीक हो गई थी, जिसकी चपेट में आने से 2 कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स की मौत हो गई थी। इस दुर्घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने फैक्ट्री के 'ऑक्यूपायर' (Occupier) के तौर पर कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू की है।
फैक्ट्री एक्ट के तहत कार्रवाई
भारतीय कानूनों, विशेष रूप से Factories Act, 1948 के तहत, फैक्ट्री का 'ऑक्यूपायर' वहां सुरक्षा प्रोटोकॉल और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार होता है। इस नियम के चलते अब कंपनी के टॉप मैनेजमेंट पर व्यक्तिगत कानूनी जिम्मेदारी का संकट गहरा गया है।
कंपनी का क्या कहना है?
इस घटना के बाद स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में कंपनी ने साफ किया है कि फिलहाल फैक्ट्री का कामकाज उनकी मौजूदा सीनियर मैनेजमेंट टीम देख रही है। कंपनी कानूनी सलाह ले रही है और स्थानीय अधिकारियों के साथ पूरी तरह सहयोग करने की बात कही है। निवेशकों के लिए फिलहाल यह चिंता का विषय है कि क्या यह मामला आने वाले समय में ऑपरेशंस या कंपनी की साख पर कोई बड़ा असर डालेगा। बाजार की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या जांच के बाद कंपनी को कड़े सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए अतिरिक्त निर्देश मिलते हैं या नहीं।
