SML Mahindra ने अपनी EBITDA मार्जिन को Q4FY27 तक सुधारने का लक्ष्य रखा है। जून तिमाही में मार्जिन गिरकर **10.5%** पर आ गए थे, लेकिन कंपनी अब कीमतों में बदलाव और लागत नियंत्रण के जरिए रिकवरी की तैयारी कर रही है। साथ ही, कंपनी जनवरी तक Mahindra & Mahindra के ट्रक और बस डिवीजन को अपने साथ जोड़ेगी और FY28 की शुरुआत में इलेक्ट्रिक बस भी पेश करेगी।
SML Mahindra इन दिनों ग्रोथ और रेस्ट्रक्चरिंग के एक महत्वपूर्ण दौर से गुजर रही है। कंपनी का लक्ष्य है कि चालू फाइनेंशियल ईयर की चौथी तिमाही तक उसके प्रॉफिट मार्जिन सामान्य स्तर पर लौट आएं। 30 जून, 2026 को समाप्त तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 13.2% बढ़कर ₹958 करोड़ रहा, लेकिन बढ़ती इनपुट कॉस्ट के कारण मुनाफे पर दबाव दिखा। इसी वजह से EBITDA मार्जिन पिछले साल के 12.4% से घटकर 10.5% पर आ गया।
मार्जिन पर दबाव क्यों?
मार्जिन में यह गिरावट मुख्य रूप से रॉ मटेरियल की महंगाई के कारण है, जो फिलहाल 5-6% के दायरे में है। हालांकि कंपनी ने अप्रैल और जुलाई में कुल मिलाकर 5% की प्राइस हाइक की है, लेकिन कीमतों में बढ़ोतरी और मार्केट में उसके असर के बीच टाइम लैग के कारण हालिया नतीजों पर असर पड़ा है। एग्जीक्यूटिव चेयरमैन विनोद सहाय का मानना है कि कंपनी लागत कम करने के उपायों और मार्केट के हिसाब से कीमतों में बदलाव करके Q4FY27 तक इस अंतर को पूरी तरह पाट लेगी।
ऑपरेशंस को मिलेगा बड़ा विस्तार
कंपनी एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रही है। बोर्ड ने जुलाई में ₹525 करोड़ में Mahindra & Mahindra के ट्रक और बस डिवीजन को खरीदने की मंजूरी दी थी, जिसका इंटीग्रेशन जनवरी 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है। मैन्युफैक्चरिंग लाइनें M&M के पास ही रहेंगी और वे कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग मॉडल के तहत ट्रक्स और बसों का उत्पादन जारी रखेंगे। लंबी अवधि की बात करें तो कंपनी ने FY31 तक ₹12,500 करोड़ के रेवेन्यू का टारगेट रखा है। इसके साथ ही, कंपनी का लक्ष्य अपने मार्केट शेयर को मौजूदा 6% से बढ़ाकर FY31 तक 10-12% और FY36 तक 20% के पार ले जाने का है।
इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) पर फोकस
कंपनी अपने पारंपरिक बिजनेस के साथ-साथ इलेक्ट्रिक वाहनों पर भी जोर दे रही है। स्टाफ और स्कूल ट्रांसपोर्टेशन के लिए एक इलेक्ट्रिक बस विकसित की जा रही है, जिसे Q4FY27 या अगले फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत में लॉन्च किया जा सकता है। इलेक्ट्रिक ट्रक्स पर भी काम चल रहा है, हालांकि उनकी लॉन्चिंग के लिए अभी कोई समयसीमा तय नहीं है।
रिस्क और निवेशकों के लिए संकेत
फिलहाल निवेशक कंपनी की इंटीग्रेशन स्ट्रैटेजी और फाइनेंशियल हेल्थ पर नजर बनाए हुए हैं। कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव और मर्जर के सफल क्रियान्वयन को लेकर कुछ जोखिम बने हुए हैं। 11 सितंबर, 2026 तक कंपनी के शेयर करीब ₹6,343 पर ट्रेड कर रहे हैं। भविष्य में परफॉर्मेंस इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनी कैसे रेवेन्यू ग्रोथ और मार्जिन रिकवरी के बीच तालमेल बिठाती है।
