SML Mahindra ने भारतीय कमर्शियल व्हीकल सेक्टर में अपनी धाक जमाने का रोडमैप तैयार किया है। कंपनी ने 2031 तक 12% और 2036 तक 20% मार्केट शेयर का लक्ष्य रखा है। Mahindra & Mahindra के साथ मिलकर कंपनी इलेक्ट्रिक बस सेगमेंट में विस्तार करने और सिनर्जी का फायदा उठाने पर जोर दे रही है।
Mahindra & Mahindra द्वारा 58.96% की हिस्सेदारी खरीदने के बाद, SML Mahindra ने अपने फ्यूचर ग्रोथ की योजना का खुलासा किया है। कंपनी ने 2031 तक भारतीय कमर्शियल व्हीकल मार्केट में 10% से 12% हिस्सेदारी और 2036 तक इसे 20% से ऊपर ले जाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इस योजना के तहत कंपनी अपने पुराने ट्रक और बस ऑपरेशंस को नई SML यूनिट के साथ जोड़ रही है, ताकि सप्लाई चेन और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को मजबूत किया जा सके।
शानदार फाइनेंशियल प्रदर्शन
कंपनी अपनी ग्रोथ को हालिया मजबूत नतीजों के दम पर आगे बढ़ा रही है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू ₹2,838 करोड़ रहा, जो 18.3% की बढ़ोतरी दर्शाता है। वहीं, नेट प्रॉफिट ₹160 करोड़ रहा, जिसमें 31.1% का उछाल आया है। सेल्स के मोर्चे पर भी कंपनी ने अगस्त 2026 में 1,175 यूनिट्स बेचीं, जो साल-दर-साल आधार पर 40% ज्यादा है। जुलाई 2026 में यह आंकड़ा 1,603 यूनिट्स का था।
EV की तरफ बढ़ते कदम
कंपनी अपने पोर्टफोलियो में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पर बड़ा दांव लगा रही है। मैनेजमेंट का मानना है कि अगले दो सालों में कम से कम 10% बस पोर्टफोलियो इलेक्ट्रिक हो जाएगा। साथ ही, कंपनी ने हाल ही में नया हैवी-ड्यूटी ट्रक 'BLAZO i-TRK' भी लॉन्च किया है, जो मार्केट में अपनी जगह बनाने के लिए तैयार है।
चुनौतियां और रिस्क
हालांकि लक्ष्य बड़े हैं, लेकिन निवेशकों को कुछ मोर्चों पर सतर्क रहना होगा। कमर्शियल व्हीकल मार्केट में Tata Motors और Ashok Leyland जैसे दिग्गज खिलाड़ियों से कड़ा मुकाबला है। इसके अलावा, चौथे क्वार्टर में ऑपरेटिंग मार्जिन घटकर करीब 10% रह गया था, जिसका कारण बढ़ती इनपुट कॉस्ट है। अब निवेशकों की नजर इस पर होगी कि कंपनी कैसे अपनी प्रोडक्शन लागत को नियंत्रित रखती है और इलेक्ट्रिक व्हीकल ट्रांजिशन को बाजार में कैसे पेश करती है।
