सितंबर 2026 में SML Mahindra की कुल व्हीकल सेल्स **18%** बढ़कर **1,124** यूनिट्स पर पहुंच गई है। घरेलू बाजार में मांग बनी रहने के बावजूद, खराब एक्सपोर्ट आंकड़ों के चलते कंपनी के शेयर में **3.68%** की गिरावट देखने को मिली है।
घरेलू बाजार में दिखा दम
सितंबर 2026 में कंपनी की कुल सेल्स साल-दर-साल आधार पर 18.32% बढ़कर 1,124 यूनिट्स रही। इस ग्रोथ में सबसे बड़ा योगदान घरेलू कार्गो और पैसेंजर सेगमेंट का रहा। कंपनी की कार्गो व्हीकल सेल्स में 39% की भारी उछाल देखी गई, जो 516 यूनिट्स तक पहुंच गई, जबकि पैसेंजर व्हीकल सेल्स 5% की बढ़त के साथ 608 यूनिट्स रही।
एक्सपोर्ट ने बढ़ाई चिंता
जहां घरेलू मार्केट ने मजबूती दिखाई, वहीं कंपनी का एक्सपोर्ट बिजनेस दबाव में है। इंटरनेशनल डिमांड में भारी कमी के चलते एक्सपोर्ट वॉल्यूम गिरकर महज 53 यूनिट्स पर आ गया है। इस गिरावट ने यह साफ कर दिया है कि कंपनी फिलहाल काफी हद तक घरेलू बाजार पर ही निर्भर है। हालांकि, फाइनेंशियल ईयर की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) का प्रदर्शन अभी भी सकारात्मक बना हुआ है, जहां कुल सेल्स 9,340 यूनिट्स रही, जो पिछले साल की इसी अवधि के 8,145 यूनिट्स के मुकाबले 15% अधिक है।
बाजार की प्रतिक्रिया और आगे की राह
नतीजों के बाद 8 अक्टूबर को निवेशकों का मूड थोड़ा संभला हुआ नहीं दिखा और स्टॉक 3.68% गिरकर ₹5,871 पर बंद हुआ। अब बाजार की नजरें 19 अक्टूबर 2026 की बोर्ड मीटिंग पर टिकी हैं, जहां कंपनी दूसरी तिमाही के फाइनेंशियल रिजल्ट्स पेश करेगी। निवेशक यह देखना चाहेंगे कि मैनेजमेंट बढ़ते रॉ मटेरियल और फ्यूल खर्चों को कैसे मैनेज कर रहा है और एक्सपोर्ट रिकवरी को लेकर उनका क्या प्लान है।
