SJS Enterprises ने अपनी नई डिस्प्ले इलेक्ट्रॉनिक्स सब्सिडियरी में **₹5 करोड़** का निवेश किया है। कंपनी अब पारंपरिक डेकोरेटिव पार्ट्स से आगे बढ़कर हाई-वैल्यू ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स की ओर अपना फोकस शिफ्ट कर रही है।
ऑटो-टेक में नया कदम
SJS Enterprises अब केवल डेकोरेटिव ऑटो पार्ट्स तक सीमित नहीं रहेगी। कंपनी ने नई सब्सिडियरी 'SJS Display Electronics Private Limited' में ₹5 करोड़ का निवेश कर ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स के बढ़ते बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने का संकेत दिया है।
नई साझेदारी और तकनीक
इस विस्तार के लिए कंपनी ने हांगकांग की BOE Varitronix के साथ टेक्नोलॉजी लाइसेंस और सप्लाई एग्रीमेंट किया है। इस साझेदारी से SJS भारत में ऑटोमोटिव डिस्प्ले और ऑप्टिकल बॉन्डिंग का मैन्युफैक्चरिंग कर सकेगी, जिससे प्रति वाहन मिलने वाले रेवेन्यू में इजाफा होने की उम्मीद है।
मजबूत फाइनेंशियल और कैश पोजीशन
कंपनी अपनी विस्तार योजनाओं के लिए बाहरी कर्ज पर निर्भर नहीं है। SJS के पास ₹329 करोड़ की नेट कैश पोजीशन है, जो इसे डेट-फ्री बनाती है। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में ₹261 करोड़ का रिकॉर्ड रेवेन्यू दर्ज किया था, जिसमें EBITDA मार्जिन 30% रहा। कंपनी का फोकस अब अपनी पुणे स्थित क्रोम-प्लेटिंग यूनिट और इलेक्ट्रॉनिक्स डिवीजन पर है।
'प्रीमियम' रणनीति और भविष्य के जोखिम
कंपनी 'प्रीमियमाइजेशन' की रणनीति अपना रही है ताकि कारों में अधिक टेक्नोलॉजी फीचर्स के जरिए मार्जिन बढ़ाया जा सके। हालांकि, ऑटो सेक्टर में डिमांड में कमी और नई मैन्युफैक्चरिंग लाइन्स के एग्जीक्यूशन का जोखिम अभी भी बना हुआ है। निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी अपनी मार्जिन को 30% के स्तर पर कैसे बनाए रखती है।
