SEBI ने क्यों कसा शिकंजा?
सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) Force Motors से खास तौर पर 15 फरवरी से 20 फरवरी 2024 के बीच हुए शेयर की कीमतों में हलचल और इसी अवधि के Q3FY24 और Q2FY25 के नतीजों से जुड़े वित्तीय और लेनदेन संबंधी विस्तृत डेटा की मांग कर रही है। इस जांच का मकसद यह पता लगाना है कि कहीं कंपनी में किसी तरह के नियामक नियमों का उल्लंघन या कीमत-संवेदनशील (Price-sensitive) जानकारी का गलत इस्तेमाल तो नहीं हुआ है।
नतीजों में उछाल, पर जांच का साया
SEBI की यह जांच ऐसे समय में आई है जब Force Motors ने हाल ही में अपने वित्तीय नतीजों में जोरदार प्रदर्शन किया है। कंपनी ने दिसंबर तिमाही (Q3FY24) में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले अपने कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में 250% का तगड़ा उछाल दर्ज किया है, जो ₹406 करोड़ से अधिक रहा। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू भी 13% बढ़कर करीब ₹2,129 करोड़ पर पहुंच गया। इन शानदार नतीजों के बावजूद, कंपनी के शेयर की चाल SEBI की नजर में आ गई है।
शेयर में दिखी मिली-जुली प्रतिक्रिया
SEBI की जांच की खबर सामने आने के बाद Force Motors के शेयरों में इंट्रा-डे कारोबार के दौरान करीब 4% की गिरावट आई। हालांकि, बाद में शेयरों ने कुछ रिकवरी दिखाई और करीब 2% की बढ़त के साथ बंद हुए। यह गिरावट और उछाल निवेशकों के बीच अनिश्चितता को दर्शाते हैं। फिलहाल, शेयर अपने 52-हफ्ते के उच्चतम स्तर ₹26,450 से करीब 14% नीचे कारोबार कर रहा है।
वैल्यूएशन और सेक्टर से तुलना
Force Motors का मार्केट कैपिटलाइजेशन फिलहाल ₹28,000-₹30,000 करोड़ के आसपास है। कंपनी का पिछले बारह महीनों (TTM) का पीई (Price-to-Earnings) रेशियो लगभग 20.66 से 35.30 के बीच है। यह वैल्यूएशन इसे Mahindra & Mahindra (M&M) के पीई 23.7x से 26.96x के करीब रखता है। हालांकि, यह Tata Motors के पीई 6.22x से 20.57x से काफी ऊपर है, जबकि Ashok Leyland का पीई 35.57x से 45.4x की रेंज में है। Force Motors की सबसे बड़ी मजबूती यह है कि कंपनी लगभग कर्ज-मुक्त (Debt-free) है, जिसका डेट-टू-इक्विटी रेशियो शून्य के करीब है। इसके बावजूद, इसका प्राइस-टू-बुक (Price-to-Book) रेशियो 7.38 से 9.31 के बीच है, जो इसके वैल्यूएशन को प्रीमियम दिखाता है।
जांच से जुड़े मुख्य जोखिम
Force Motors के लिए सबसे बड़ा जोखिम इस समय SEBI की जारी जांच है। अगर जांच में किसी भी तरह की अनियमितता या जानकारी लीक होने का मामला सामने आता है, तो कंपनी पर भारी जुर्माना लग सकता है, उसकी साख को नुकसान पहुंच सकता है और निवेशकों का भरोसा डगमगा सकता है। इससे शेयर की कीमतों में बड़ी गिरावट आ सकती है, जो फिलहाल ₹21,450-₹22,360 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। यह अनिश्चितता कंपनी के मजबूत वित्तीय प्रदर्शन पर भी भारी पड़ रही है।
ऑटो सेक्टर में तेजी और विश्लेषकों का नजरिया
बता दें कि भारतीय ऑटो सेक्टर फरवरी 2024 में काफी मजबूत रहा, जहां रिटेल बिक्री में 13% की साल-दर-साल वृद्धि देखी गई। BSE ऑटो इंडेक्स में भी फरवरी 2024 में 6.4% का उछाल आया। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि Force Motors के शेयर में फिलहाल 19% तक की और तेजी देखने को मिल सकती है, जैसा कि एक रिपोर्ट में ₹25,529 का टारगेट प्राइस सुझाया गया है। हालांकि, SEBI की जांच के बादल इस उम्मीद पर छाए हुए हैं।
