BSE पर आज Rolex Rings के शेयर 16% की तूफानी तेजी के साथ ₹162.10 के स्तर पर कारोबार करते देखे गए। यह बड़ी उछाल सीधे तौर पर कंपनी द्वारा शेयर बायबैक (Share Buyback) की घोषणा का नतीजा थी।
बायबैक का प्रस्ताव
कंपनी के निदेशक मंडल (Board of Directors) की एक बैठक 23 अप्रैल 2026 को प्रस्तावित है, जहाँ इस बायबैक प्रस्ताव पर विचार-विमर्श कर अंतिम मंजूरी दी जाएगी।
शानदार तिमाही नतीजे
शेयरों में आई इस रौनक की एक और बड़ी वजह अक्टूबर-दिसंबर 2025 की तिमाही के शानदार नतीजे रहे। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी अवधि के ₹20.2 करोड़ से दोगुना से भी अधिक होकर 100% से ऊपर की वृद्धि के साथ ₹47.8 करोड़ पर पहुंच गया। इस ज़बरदस्त मुनाफे के पीछे मुख्य कारण 'Other Income' (अन्य आय) में बड़ी बढ़ोतरी रही, जो ₹3.9 करोड़ से बढ़कर ₹17.4 करोड़ तक जा पहुंची। इसके अलावा, कच्चे माल (Raw Material) की लागत में कमी आने से भी प्रॉफिट को बूस्ट मिला।
रेवेन्यू और एक्सपोर्ट की स्थिति
ऑपरेशंस से होने वाली आय (Revenue from Operations) में 5.7% की मामूली वृद्धि के साथ यह ₹274.80 करोड़ दर्ज की गई, जो पिछले वर्ष ₹259.9 करोड़ थी। यूरोप के लिए एक्सपोर्ट (Exports) में पिछली तिमाही की तुलना में 10% और पिछले साल की तुलना में 25% का इजाफा हुआ। वहीं, अमेरिका के एक्सपोर्ट में 10% (तिमाही दर तिमाही) और 30% (साल दर साल) की गिरावट आई। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि Q1FY27 तक टैरिफ (Tariff) से जुड़ी दिक्कतें दूर हो जाएंगी। कंपनी ऑटो कंपोनेंट्स पर अपना फोकस बनाए रखेगी, खासकर यूरोप के मजबूत ऑर्डर बुक को देखते हुए।
एडवांस्ड कंपोनेंट्स पर फोकस
Rolex Rings अब भविष्य को देखते हुए एडवांस्ड ऑटोमोटिव और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) कंपोनेंट्स के निर्माण पर रणनीतिक रूप से ध्यान केंद्रित कर रही है। कंपनी अपने मौजूदा बड़े ग्राहक आधार का लाभ उठाते हुए ICE, हाइब्रिड और EV प्लेटफॉर्म्स पर प्रॉफिट मार्जिन बढ़ाने और प्रीमियम सेगमेंट में अपनी पैठ मजबूत करने का लक्ष्य रखती है। हालांकि मौजूदा समय में ICE व्हीकल्स का दबदबा बरकरार है, कंपनी हाइब्रिड वाहनों में बढ़ती मांग और EV को अपनाने में भी स्थिर प्रगति देख रही है, भले ही तकनीकी और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कुछ चुनौतियां अभी बनी हुई हैं।
