ऑटोनॉमस कारों की टेस्टिंग के दौरान Waymo और Zoox के ड्राइवर्स चोटिल हो रहे हैं। अचानक ब्रेक लगने (Brake Jabs) की घटनाओं के कारण ड्राइवर्स को फ्रैक्चर और गर्दन में चोट (Whiplash) जैसी समस्याएं हो रही हैं। OSHA के ताजा डेटा से इन सेल्फ-ड्राइविंग कारों की सेफ्टी पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।
ऑटोमेशन के पीछे छिपा मानवीय संकट
ऑटोनॉमस टैक्सी फ्लीट्स को बढ़ाने की होड़ में अब उन टेस्ट ड्राइवर्स की जान पर बन आई है, जो इन गाड़ियों की निगरानी करते हैं। ऑक्यूपेशनल सेफ्टी एंड हेल्थ एडमिनिस्ट्रेशन (OSHA) के पास जमा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, 2024 से 2025 के बीच Waymo और Amazon की कंपनी Zoox के ड्राइवर्स के साथ 24 से ज्यादा दुर्घटनाएं हुई हैं। इन हादसों की मुख्य वजह 'ब्रेक जैब्स' या अचानक लगने वाली इमरजेंसी ब्रेक है, जो सिस्टम में तकनीकी खामी के कारण चलती गाड़ी में ही हो रही है।
चोट का कारण और भयावह स्थिति
Transdev द्वारा मैनेज की जाने वाली Waymo की फ्लीट में काम करने वाले ड्राइवर्स ने विप्लैश (whiplash), मांसपेशियों में खिंचाव और कलाई में फ्रैक्चर जैसी गंभीर समस्याओं की शिकायत की है। एक मामले में तो गाड़ी के अचानक रिवर्स होने से ड्राइवर का हाथ स्टीयरिंग में फंस गया, जिससे हड्डी तक टूट गई। वहीं फिनिक्स में एक ऑपरेटर को तो अनचाहे इमरजेंसी स्टॉप के कारण 157 दिन की मेडिकल लीव लेनी पड़ी। Zoox की गाड़ियों में भी ड्राइवर 45 mph की रफ्तार पर अचानक झटके महसूस करते हैं, जो अक्सर सॉफ्टवेयर एरर या मलबे की गलत पहचान (phantom obstacles) के कारण होता है।
स्केलिंग की चुनौती और नियामक दबाव
साल 2025 के अंत तक Waymo के पास 3,500 से ज्यादा गाड़ियां सड़कों पर थीं, जिसके साथ ही दुर्घटनाओं का ग्राफ भी दोगुना हो गया है। हैरानी की बात यह है कि Zoox की ओर से सॉफ्टवेयर अपडेट और रिकॉल के बावजूद हादसे कम नहीं हुए हैं। अपडेट के बाद भी 4 ऐसे मामले सामने आए हैं, जो साबित करते हैं कि तकनीक की अस्थिरता अभी भी बरकरार है। हालांकि कंपनियां इन घटनाओं को कुल सफर के मुकाबले बहुत छोटा हिस्सा बताती हैं, लेकिन बार-बार होने वाले 'ब्रेक जैब्स' यह संकेत दे रहे हैं कि ऑटोनॉमस सिस्टम के लिए शहरी ट्रैफिक की जटिलताओं को समझना अभी भी एक बड़ी चुनौती है।
