Rivian Automotive ने साल 2026 के अंत तक Uber से **$25 करोड़** का पेमेंट पाने का लक्ष्य रखा है, जो कंपनी के ऑटोनॉमस (Autonomy) माइलस्टोन्स को पूरा करने पर निर्भर है।
कैश फ्लो बढ़ाने की चुनौती
Rivian के लिए Uber के साथ हुआ $1.25 अरब का निवेश समझौता एक लाइफलाइन की तरह है। इसमें से $25 करोड़ का भुगतान उन ऑटोनॉमस माइलस्टोन्स से जुड़ा है जिन्हें हासिल करना कंपनी की इंजीनियरिंग क्षमता का असली लिटमस टेस्ट है।
ऑपरेशन्स में सुधार, लेकिन घाटा बरकरार
कंपनी ने तीसरी तिमाही में 19,248 यूनिट्स की रिकॉर्ड डिलीवरी की है, जिसमें R2 कॉम्पैक्ट SUV का योगदान अहम है। मैनेजमेंट ने प्रति यूनिट प्रोडक्शन लागत में $12,000 से ज्यादा की कटौती की है, जो मैन्युफैक्चरिंग में आई कुशलता को दर्शाता है। हालांकि, कड़वा सच यह है कि हर गाड़ी के बिकने पर कंपनी अभी भी नुकसान झेल रही है।
Volkswagen के साथ गेम प्लान
रेवेन्यू के नए सोर्सेज ढूंढने के लिए कंपनी Volkswagen के साथ अपने जॉइंट वेंचर को गहरा कर रही है। 2027 तक यूरोप के लिए कम लागत वाली इलेक्ट्रिक कारें बनाने और अपनी सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी को लाइसेंस देने की रणनीति कंपनी के लिए काफी महत्वपूर्ण है। इससे सॉफ्टवेयर के जरिए बार-बार कमाई (Recurring Revenue) का रास्ता खुलेगा।
निवेशकों के लिए जोखिम
भविष्य की राह इतनी आसान नहीं है। कंपनी को अभी भी अपने विस्तार और रिसर्च के लिए भारी नकदी की जरूरत है। 2028 तक ड्राइवरलेस रोबोटैक्सी लॉन्च करने का लक्ष्य काफी महत्वाकांक्षी है, और अगर तकनीकी माइलस्टोन्स में देरी हुई, तो कंपनी के बैलेंस शीट पर दबाव बढ़ सकता है। निवेशकों को कंपनी की कैश फ्लो रिपोर्ट और प्रोडक्शन एफिशिएंसी पर बारीक नजर रखने की जरूरत है।
