कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) में हुआ बड़ा इजाफा!
Power Grid Corporation ने फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के लिए अपने कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) गाइडेंस को ₹28,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹32,000 करोड़ करने की घोषणा की है। कंपनी का कहना है कि यह बढ़ोतरी मजबूत एग्जीक्यूशन विजिबिलिटी और सालाना खर्च व कैपिटलाइजेशन लक्ष्यों को पार करने की क्षमता को दर्शाती है। इस सकारात्मक खबर के बाद 2 फरवरी 2026 को कंपनी के शेयर में 7% से अधिक का उछाल देखा गया।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार का फोकस और रिन्यूएबल एनर्जी की ज़रूरत
यह बढ़ा हुआ निवेश भारत सरकार के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर ज़ोर देने की राष्ट्रीय नीति के अनुरूप है। यूनियन बजट 2025-26 में इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश के लिए रिकॉर्ड ₹11.21 लाख करोड़ का आवंटन किया गया था, जो GDP का 3.1% था। पावर ट्रांसमिशन सेक्टर इस विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, खासकर बढ़ते रिन्यूएबल एनर्जी स्रोतों को ग्रिड से कुशलतापूर्वक जोड़ने के लिए। भारत का लक्ष्य रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता को काफी बढ़ाना है, जिसके लिए ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार समानांतर रूप से आवश्यक है। Power Grid की यह बढ़ी हुई Capex रणनीति EV एडॉप्शन और डेटा सेंटर्स के विस्तार जैसे भविष्य के ग्रोथ ड्राइवर्स का लाभ उठाने में मदद करेगी। कंपनी के पास वर्तमान में 1,77,000 सर्किट किलोमीटर से अधिक ट्रांसमिशन लाइनों का एक मजबूत नेटवर्क है।
तिमाही नतीजों ने भी बढ़ाई निवेशकों की उम्मीद
शुरुआती फरवरी 2026 तक, Power Grid Corporation का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन लगभग ₹2.42 लाख करोड़ था। कंपनी का P/E रेश्यो करीब 15.7 या 15.92 के आसपास दर्ज किया गया। हालांकि Q2 FY26 में कंपनी ने मुनाफे में गिरावट देखी थी, लेकिन Q3 FY26 के नतीजों ने तस्वीर को बेहतर किया। इस तिमाही में प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 8% बढ़कर ₹4,185 करोड़ रहा, जबकि टोटल इनकम 7% बढ़कर ₹12,599 करोड़ दर्ज की गई। यह प्रदर्शन कंपनी की ऑपरेशनल स्ट्रेंथ को दिखाता है।
भविष्य के लिए बड़ी योजनाएं
Power Grid Corporation के शेयर ने ऐतिहासिक रूप से उतार-चढ़ाव के साथ अच्छी लॉन्ग-टर्म परफॉर्मेंस दिखाई है। मौजूदा स्टॉक में आई तेज़ी निवेशकों के बढ़ते विश्वास का संकेत है। FY26 गाइडेंस के अलावा, कंपनी की 2032 तक ₹3 लाख करोड़ से अधिक के कैपिटल एक्सपेंडिचर की लंबी अवधि की योजनाएं भी हैं, जो मुख्य रूप से ट्रांसमिशन बिजनेस पर केंद्रित होंगी। यह दूरदर्शी निवेश रणनीति भारत के पावर इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करने और देश के एनर्जी ट्रांज़िशन लक्ष्यों को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।