तिमाही नतीजों का पूरा लेखा-जोखा
Popular Vehicles and Services Ltd (PVSL) ने शानदार परफॉरमेंस के साथ पिछले 18 महीनों का अपना सबसे बेहतरीन तिमाही नतीजा पेश किया है। फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 FY'26) में कंपनी की कंसोलिडेटेड टोटल इनकम सालाना आधार पर 30.9% बढ़कर ₹1,791.8 करोड़ पर पहुंच गई, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹1,368.6 करोड़ थी। इस बंपर ग्रोथ की मुख्य वजह नई गाड़ियों की बिक्री में आया 44% का उछाल है, जो 16,023 यूनिट्स तक पहुंच गई। तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) आधार पर भी रेवेन्यू में 16.8% की अच्छी बढ़ोतरी देखी गई।
मुनाफे (Profitability) के मोर्चे पर भी कंपनी ने कमाल किया है। EBITDA में 68.1% का शानदार इजाफा हुआ और यह ₹58.2 करोड़ पर पहुंच गया। इसके चलते EBITDA मार्जिन सुधरकर 3.3% हो गया, जो पिछले साल इसी अवधि में 2.5% था। एडजस्टेड EBITDA में 78.6% की ग्रोथ देखी गई। सबसे खास बात यह है कि कंपनी घाटे से निकलकर प्रॉफिट में आ गई है। Q3 FY'26 में कंपनी ने ₹0.7 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में ₹9.8 करोड़ का घाटा था। हालांकि, 9 महीने (9M FY'26) के दौरान PAT अभी भी ₹7.5 करोड़ के घाटे में है (पिछले साल 9M FY'25 में ₹3.3 करोड़ का प्रॉफिट था), लेकिन Q3 का प्रदर्शन रिकवरी की मजबूत राह दिखाता है।
कंपनी पर कर्ज (Debt) लगभग ₹655 करोड़ है, जिसका मुख्य कारण रणनीतिक अधिग्रहण (Strategic Acquisitions) हैं। कंपनी को उम्मीद है कि यह कर्ज स्थिर रहेगा या कम होगा, और वर्किंग कैपिटल डेट FY'26 के अंत तक लगभग ₹550 करोड़ पर मैनेज किया जाएगा।
आगे की राह और कंपनी की स्ट्रैटेजी
मैनेजमेंट कंपनी के भविष्य को लेकर काफी उम्मीदें रखता है। उन्होंने पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर मिड-टीन्स (मध्यम दर्जे की डबल-डिजिट ग्रोथ) कर दिया है, और Q4 FY'26 के Q3 से बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद है। पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए कंपनी का लक्ष्य लगभग 3.5% का EBITDA मार्जिन हासिल करना है।
फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए तो लक्ष्य और भी बड़े हैं। कंपनी टॉपलाइन ग्रोथ में हाई डबल-डिजिट (ऊंची डबल-डिजिट) ग्रोथ और मुनाफे में भारी सुधार का लक्ष्य रखती है, जिसमें 5% EBITDA मार्जिन हासिल करने की योजना है। PAT के FY'24 के स्तर पर वापस आने की उम्मीद है।
यह ग्रोथ ग्राहकों, भौगोलिक क्षेत्रों और प्रोडक्ट ऑफरिंग्स में रणनीतिक विविधीकरण (Diversification) पर आधारित है। महत्वपूर्ण पहलों में तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में Audi डीलरशिप का अधिग्रहण शामिल है, जिससे एक नए प्रीमियम OEM रिलेशनशिप में एंट्री हुई है। साथ ही, केरल और कर्नाटक में BKT टायर डिस्ट्रीब्यूटorship भी संभाली गई है। स्पेयर पार्ट्स के लिए ZPAREX Digisolutions नाम से एक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म लॉन्च किया गया है, जिसका उद्देश्य हाई-मार्जिन सेगमेंट का लाभ उठाना है। सर्विस बिजनेस, जिसमें Q3 में थोड़ी गिरावट देखी गई थी, FY'27 से डबल-डिजिट वॉल्यूम ग्रोथ के साथ वापसी करने की उम्मीद है।
निवेशकों के सवाल और चिंताएं
Q3 के मजबूत नतीजों के बावजूद, निवेशकों ने कुछ खास चिंताओं पर ध्यान दिलाया है। एक अहम बात यह है कि कंपनी के एम्प्लॉई कॉस्ट (Employee Costs) हाल की तिमाहियों में लगातार EBITDA से ज्यादा रहे हैं। यह कंपनी के ऑपरेशंस की एफिशिएंसी और शेयरधारक रिटर्न पर संभावित प्रभाव को लेकर सवाल खड़े करता है। इसके अलावा, हालिया अधिग्रहणों के इंटीग्रेशन (Integration) से शॉर्ट-टर्म में मार्जिन पर दबाव पड़ने की उम्मीद है, हालांकि पूरी तरह से फायदे FY2027 से मिलने की उम्मीद है।
सर्विस बिजनेस, जो लचीलापन दिखा रहा है, Q3 में टॉपलाइन में केवल 1% की मामूली सालाना वृद्धि दर्ज की गई, जो पुराने नई गाड़ियों की बिक्री के रुझानों का एक लैग इफेक्ट दर्शाता है। एक OEM पार्टनर पर साइबर हमले के कारण लग्जरी व्हीकल सेगमेंट (JLR) में अस्थायी व्यवधान भी हुआ, हालांकि अब ऑपरेशंस सामान्य हो गए हैं। इसके अतिरिक्त, कुछ लोकप्रिय मारुति मॉडलों की सप्लाई की कमी वर्तमान तिमाही में बिक्री को प्रभावित कर रही है।
सेक्टर में मुकाबला (Peer Comparison)
Popular Vehicles भारत के अत्यधिक प्रतिस्पर्धी ऑटोमोटिव रिटेल सेक्टर में काम करती है। Landmark Cars और अन्य क्षेत्रीय डीलरशिप ग्रुप जैसे प्रतिस्पर्धी भी पोस्ट-पैंडेमिक डिमांड रिकवरी और आर्थिक सुधारों के जवाब में बाजार को नेविगेट कर रहे हैं। हालांकि विशिष्ट मार्जिन तुलना के लिए विस्तृत डेटा की आवश्यकता होती है, PVSL का Q3 EBITDA मार्जिन 3.3% एक महत्वपूर्ण सुधार है, जो वॉल्यूम बढ़ने के साथ बेहतर ऑपरेशनल लीवरेज का संकेत देता है। व्यापक सेक्टर को GST सुधारों और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट जैसी सरकारी पहलों से लाभ हो रहा है, जो सभी प्रमुख खिलाड़ियों के लिए टेलविंड (Tailwinds) बना रहे हैं। हालांकि, ऑटो रिटेल में अंतर्निहित पतले मार्जिन का मतलब है कि स्केल, विविधीकरण और ऑपरेशनल एफिशिएंसी, जैसा कि PVSL अपना रहा है, निरंतर लाभप्रदता और FY'27 के लिए निर्धारित 5% जैसे उच्च मार्जिन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
