Oswal Pumps के शेयरों में आज भारी गिरावट देखने को मिली। कंपनी ने पहली तिमाही के नतीजों में **43%** की भारी मुनाफा गिरावट दर्ज की है, जिसके चलते शेयर **5%** तक नीचे आ गए।
Q1 FY27 में क्या हुआ Oswal Pumps के साथ?
Oswal Pumps, जो सोलर पंप बनाती है, ने 2026-27 के फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही के नतीजे जारी किए हैं, और ये नतीजे बाजार को बिल्कुल भी पसंद नहीं आए। कंपनी का रेवेन्यू 7.9% घटकर ₹473.6 करोड़ रहा। लेकिन सबसे बड़ी चिंता बॉटम लाइन को लेकर है, क्योंकि नेट प्रॉफिट में 43.1% की भारी गिरावट आई और यह ₹53.8 करोड़ पर आ गया।
मार्जिन पर दबाव का कारण
कंपनी के ऑपरेटिंग EBITDA मार्जिन में भी भारी गिरावट दर्ज की गई। यह मार्जिन पिछले साल के 27.4% से घटकर इस तिमाही में सिर्फ 15.7% रह गया। मैनेजमेंट का कहना है कि महाराष्ट्र की 'मागेल त्याला' (Magel Tyala) स्कीम में हुई आक्रामक बोली (aggressive bidding) के कारण उन्हें अपने प्रोडक्ट की कीमतों में 9% की कटौती करनी पड़ी। इसी वजह से प्रॉफिट मार्जिन पर इतना बुरा असर पड़ा है। इसके अलावा, बढ़ते कर्मचारी खर्च और नेगेटिव ऑपरेटिंग लेवरेज ने भी इस दबाव को बढ़ाया है।
बढ़ता कर्ज और लंबी कैश कन्वर्जन साइकिल
तिमाही नतीजों के अलावा, निवेशकों की नजर कंपनी के कर्ज और ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर भी है। 30 जून 2026 तक, कंपनी का कुल कर्ज बढ़कर ₹307.6 करोड़ हो गया है, जो मार्च 2026 में ₹225.3 करोड़ था। वहीं, कैश कन्वर्जन साइकिल भी 172 दिनों से बढ़कर 244 दिनों पर पहुँच गई है। यह दर्शाता है कि कंपनी को प्रोजेक्ट्स को पूरा करने और कैश जेनरेट करने में ज्यादा समय लग रहा है।
शेयर की 52-हफ्ते की ऊंचाई से 60% गिरावट
इन सब चुनौतियों के चलते, Oswal Pumps का शेयर अपने 52-हफ्ते के हाई (peak) से करीब 60% नीचे ट्रेड कर रहा है। आगे देखना होगा कि कंपनी अपने बढ़ते कर्ज को कैसे मैनेज करती है और क्या वह सरकारी टेंडर्स में अपनी कॉम्पिटिटिव पोजीशन को मजबूत कर पाती है।
