इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) बनाने वाली कंपनी Omega Seiki Mobility (OSM) अपने IPO से पहले ₹125 करोड़ का फंड जुटाने की तैयारी में है। कंपनी प्रोडक्शन और R&D को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठा रही है।
IPO से पहले बड़ा दांव
Omega Seiki Mobility, जो कि Faridabad की एक प्रमुख EV निर्माता है, अगले फाइनेंशियल ईयर के अंत तक स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट होने की योजना बना रही है। इस बड़े कदम से पहले, कंपनी करीब ₹125 करोड़ का प्री-IPO फंड जुटाना चाहती है। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि इस तिमाही के अंत तक यह फंड जुटाने की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
प्रोडक्शन और रेवेन्यू टारगेट
OSM, जो अपने Rage+ कार्गो और Stream City पैसेंजर थ्री-व्हीलर के लिए जानी जाती है, पहले ही Delhi-NCR और Pune में स्थित अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में लगभग ₹250 करोड़ का निवेश कर चुकी है। कंपनी ने FY26 में लगभग ₹330 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया था और FY27 तक इसे ₹450 करोड़ से अधिक करने का लक्ष्य रखा है। चेयरमैन Uday Narang के अनुसार, कंपनी पहले ही EBITDA प्रॉफिटेबिलिटी हासिल कर चुकी है और मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में पॉजिटिव कैश फ्लो जेनरेट करने की उम्मीद है।
इस नई पूंजी का इस्तेमाल मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी बढ़ाने और नए प्रोडक्ट्स को डेवलप करने में किया जाएगा। कंपनी अपने इलेक्ट्रिक ट्रक प्लेटफॉर्म पर भी काम कर रही है, हालांकि वन-टन मॉडल का बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन मार्केट की स्थितियों पर निर्भर करेगा। फिलहाल, OSM हर महीने 600 से 700 इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर बेच रही है, जिसे वह अपने डीलर नेटवर्क को मजबूत करके और वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट में सुधार करके बढ़ाना चाहती है।
कॉम्पिटिशन और इंडस्ट्री में जगह
OSM का यह फंड जुटाने का कदम ऐसे समय में आया है जब भारतीय कमर्शियल EV सेक्टर में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ रही है। जबकि इस स्पेस की कई स्टार्टअप्स वेंचर कैपिटल पर निर्भर रही हैं, OSM ने मुख्य रूप से प्रमोटर फंडिंग और जापान की Exedy Corporation जैसे रणनीतिक निवेशकों के सहारे काम किया है। अब कंपनी का यह मॉडल Bajaj Auto, Mahindra Last Mile Mobility और TVS Motor जैसे स्थापित खिलाड़ियों के सामने परखा जाएगा, जिन्होंने अपने मौजूदा डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और स्केल का फायदा उठाकर इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर सेगमेंट में अच्छी खासी मार्केट शेयर हासिल की है।
निवेशकों के लिए, सबसे महत्वपूर्ण बात यह होगी कि कंपनी फंड जुटाने में कितनी सफल होती है और अपने प्रोडक्शन टारगेट को कैसे पूरा करती है। भले ही कंपनी ऑपरेशनल प्रॉफिटेबिलिटी तक पहुंच गई हो, लेकिन इलेक्ट्रिक व्हीकल मार्केट में कड़ा मुकाबला है, जहां स्थापित कंपनियों के पास अक्सर बेहतर प्राइसिंग पावर और सप्लाई चेन के फायदे होते हैं। OSM का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि वह अपने मार्जिन को बनाए रखते हुए कैसे विस्तार करती है और अपने IPO से पहले एक छोटी कंपनी से बड़े पैमाने के निर्माता के रूप में कैसे परिवर्तित होती है।
