मार्केट में दबदबा खत्म, शेयर 6% से नीचे
Ola Electric के शेयर लगातार गिरते हुए रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। एक समय जो कंपनी इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर (E2W) सेगमेंट में राज कर रही थी, उसका मार्केट शेयर 2024 में 35% से ज्यादा था, लेकिन जनवरी 2026 तक यह गिरकर 6% से भी नीचे आ गया है। इस तिमाही (31 दिसंबर 2025 को समाप्त) में कंपनी के रेवेन्यू में 55% की भारी गिरावट आई है और यह घटकर ₹470 करोड़ रह गया है। E2W की बिक्री में भी 61% की गिरावट आई है, जो सिर्फ 32,680 यूनिट्स रही।
इस गिरावट को देखते हुए कंपनी ने अपने रिटेल आउटलेट्स को भी काफी कम कर दिया है। पहले जहां 4,000 के करीब आउटलेट्स थे, वहीं मार्च तक इन्हें घटाकर करीब 550 तक लाने की योजना है।
प्रतिस्पर्धियों का दबदबा बढ़ा
Ola Electric के संघर्ष का फायदा उसके प्रतिस्पर्धियों को मिल रहा है। TVS Motor अपने iQube स्कूटर से मार्केट लीडर बन गई है, जिसका मार्केट शेयर 24-28% के आसपास है। वहीं, Bajaj Auto का शेयर 21-21.9% है, और Ather Energy भी 16-17.4% शेयर के साथ अच्छी ग्रोथ दिखा रही है। Hero MotoCorp का Vida भी Ola Electric से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है।
एनालिस्ट्स की 'Sell' रेटिंग, भविष्य पर संदेह
मार्केट एक्सपर्ट्स Ola Electric के भविष्य को लेकर बहुत आशंकित हैं। ज्यादातर एनालिस्ट्स ने स्टॉक को 'Sell' या 'Underperform' रेटिंग दी है। Emkay Global Financial Services ने तो रेटिंग को 'Sell' कर दिया है और टारगेट प्राइस में 60% की कटौती की है। Citi ने भी 'Buy' से 'Sell' रेटिंग कर दी है और टारगेट घटाकर ₹27 कर दिया है।
कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹11,500-₹12,800 करोड़ है, लेकिन रेवेन्यू में 55% की गिरावट और नेट लॉस में लगातार बढ़ोतरी चिंता का विषय बनी हुई है। कंपनी ने ब्रेक-ईवन के लिए जरूरी सेल्स टारगेट को भी 50,000 यूनिट से घटाकर 15,000 यूनिट कर दिया है, जो कि बड़ी चुनौतियों की ओर इशारा करता है। कंपनी के बड़े निवेशक SoftBank ने भी अपना स्टेक काफी कम कर दिया है, जिससे निवेशकों का भरोसा हिल गया है।
मुश्किल टर्नअराउंड की राह
Ola Electric इस दौर को 'स्ट्रक्चरल रीसेट' कह रही है और अपने ग्रॉस मार्जिन को बेहतर करने का दावा कर रही है, जो Q3 FY26 में 34.3% रहा। कंपनी अपनी सर्विसिंग को भी बेहतर बनाने की कोशिश कर रही है। हालांकि, एनालिस्ट्स का मानना है कि इस कंपनी के लिए वापसी करना बहुत मुश्किल और लंबा सफर होगा। मार्केट में अपनी पुरानी पकड़ बनाना, ग्राहकों का भरोसा जीतना और मजबूत कॉम्पिटिशन को पार करना आसान नहीं होगा।