Ola Electric Mobility ने 28 सितंबर, 2026 को बोर्ड मीटिंग बुलाई है। इस मीटिंग में कंपनी 'राइट्स इश्यू' (Rights Issue) लाने के प्रस्ताव पर विचार करेगी, जिसका मकसद कंपनी को कैश ब्रेक-ईवन के लक्ष्य तक पहुँचाना है।
राइट्स इश्यू क्या है?
कंपनी अपने बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की मीटिंग में इक्विटी शेयरों के राइट्स इश्यू पर चर्चा करेगी। इसके जरिए मौजूदा शेयरधारकों को रियायती दरों पर अतिरिक्त शेयर खरीदने का मौका मिलता है। यह पूंजी जुटाने का एक ऐसा जरिया है जिससे प्रमोटर और निवेशक बिना किसी नए पब्लिक ऑफर की उलझन के अपनी हिस्सेदारी बढ़ा सकते हैं।
पिछले फंड जुटाने का सफर
यह कदम कंपनी की उस रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत उसने जून 2026 में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के जरिए ₹780 करोड़ जुटाए थे। कंपनी का कुल लक्ष्य ₹1,500 करोड़ तक फंड जुटाने का था। यह नया प्रयास कैश ब्रेक-ईवन, यानी उस स्थिति को हासिल करने के लिए जरूरी लिक्विडिटी जुटाने पर केंद्रित है, जहाँ कंपनी का रोजाना का कामकाज उसके खर्चों को खुद निकालने में सक्षम हो जाए।
प्रमोटर्स का भरोसा
चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर भाविश अग्रवाल और प्रमोटर ग्रुप की कंपनी में 32.97% हिस्सेदारी है। इस राइट्स इश्यू में प्रमोटर्स की भागीदारी कंपनी के प्रति उनके लंबे समय के भरोसे का संकेत मानी जाएगी। वहीं, छोटे निवेशकों के लिए यह कंपनी के विस्तार में जुड़ने का मौका हो सकता है, बशर्ते इश्यू की कीमत और शर्तें आकर्षक हों।
कॉम्पिटिशन और आगे का रास्ता
भारतीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर मार्केट में Bajaj Auto, TVS Motor और Ather Energy जैसे दिग्गजों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा है। कंपनी अब केवल मैन्युफैक्चरिंग पर ही नहीं, बल्कि सर्विस क्वालिटी और चार्जिंग नेटवर्क पर भी जोर दे रही है। बोर्ड मीटिंग के बाद जारी होने वाली आधिकारिक शर्तों में इश्यू का रेशियो, कीमत और रिकॉर्ड डेट सबसे महत्वपूर्ण होंगे, जिन पर बाजार की नजर रहेगी।
