Ola Electric ने आक्रामक रणनीति अपनाते हुए अपनी फ्लैगशिप Roadster X+ 9.1 kWh इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल की कीमत में ₹60,000 की कटौती कर दी है। अब यह बाइक ₹1,29,999 में उपलब्ध होगी। कंपनी का लक्ष्य Gigafactory में उत्पादन बढ़ने और अपनी 4680 Cell टेक्नोलॉजी के फुल इंटीग्रेशन से होने वाली लागत बचत को ग्राहकों तक पहुंचाना है।
इसके साथ ही, Ola Electric इस मोटरसाइकिल को लिमिटेड परचेज विंडो मॉडल पर शिफ्ट कर रही है। पहली विंडो 3 अप्रैल को खुलेगी। यह कदम उत्पादन क्षमता के मुकाबले डिमांड को मैनेज करने के लिए उठाया गया है, खासकर जब बाइक की रेंज 500 किमी तक बताई गई है।
यह फैसला Ola Electric के लिए एक अहम मोड़ है। हाल ही में मार्च 2026 में कंपनी की बिक्री 150% से ज्यादा बढ़कर 10,117 यूनिट्स तक पहुंच गई थी, और रोजाना 1,000 से ज्यादा ऑर्डर आ रहे हैं। इस उछाल के बाद Ola Electric टॉप 5 EV निर्माताओं में वापस आ गई है, लेकिन उसका मार्केट शेयर सिर्फ 5.32% के आसपास है, जो पहले की मजबूत स्थिति से काफी कम है।
लागत में कमी की यह रणनीति Ola Electric की अपनी Gigafactory में वर्टिकल इंटीग्रेशन पर टिकी है, खासकर इन-हाउस 4680 Cell पर। कंपनी अपनी Gigafactory की क्षमता 6 GWh तक बढ़ाने पर काम कर रही है, ताकि एक मजबूत डोमेस्टिक बैटरी इकोसिस्टम बन सके और लागत कम हो। यह इंटीग्रेशन मोटर, बैटरी, सेल और सॉफ्टवेयर सब कुछ कवर करता है, जिसमें भारी कैपिटल इन्वेस्टमेंट लगा है। हालांकि, पहले कंपनी को अपनी सेल मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी बढ़ाने में देरी का सामना करना पड़ा था।
भारतीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर मार्केट में जबरदस्त ग्रोथ देखी जा रही है। मार्च 2026 में करीब 1.91 लाख यूनिट्स की बिक्री हुई। लेकिन इस ग्रोथ के साथ ही कॉम्पिटिशन भी बहुत बढ़ गया है। Ola Roadster X+ की कीमत कम होने के बावजूद, यह Revolt RV400 जैसे मॉडल्स को टक्कर देगी, जो कम दाम और 150 किमी रेंज जैसे फीचर्स देते हैं। वहीं, TVS Motor, Bajaj Auto और Ather Energy जैसे बड़े प्लेयर्स ने मार्च 2026 में मार्केट शेयर में अच्छी पकड़ बनाई है, खासकर PM E-DRIVE सब्सिडी 31 जुलाई, 2026 तक बढ़ाए जाने के बाद।
कई एनालिस्ट्स Ola Electric की प्रॉफिटेबिलिटी को लेकर चिंता जता रहे हैं। Citi Research की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी का रेवेन्यू कम हो सकता है और FY28 तक भी EBITDA ब्रेक-ईवन की उम्मीद कम है। Ola Electric नेगेटिव P/E और -108% के बेहद नेगेटिव रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) के साथ गहरे प्रॉफिट चैलेंज से जूझ रही है। कंपनी के शेयर में काफी वोलैटिलिटी भी देखी गई है। इसके अलावा, पुरानी क्वालिटी और सर्विस से जुड़ी दिक्कतें भी ग्राहकों की धारणा पर असर डाल सकती हैं। CEO Bhavish Aggarwal की तारीफ के बावजूद, लिमिटेड परचेज विंडो जैसे स्ट्रेटेजिक फैसले प्रोडक्शन लिमिट को मैनेज करने या कमजोर डिमांड को छिपाने के तरीके माने जा रहे हैं।
Ola Electric की मौजूदा स्ट्रैटेजी, आक्रामक प्राइसिंग और लिमिटेड परचेज मॉडल, मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए अहम हैं। कंपनी का फोकस प्रोडक्शन बढ़ाने पर है, जिसका लक्ष्य मार्च 2026 तक 10 लाख गाड़ियां और 6 GWh सेल कैपेसिटी हासिल करना है। हालांकि, बिक्री में लगातार ग्रोथ, प्रॉफिटेबिलिटी में सुधार और कड़े कॉम्पिटिशन को पार करना कंपनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी।