रिटेल फुटप्रिंट में बड़ी कटौती
Ola Electric अपने फिजिकल रिटेल नेटवर्क में एक बड़ी कटौती कर रहा है। कंपनी का लक्ष्य मार्च 2026 तक करीब 550 स्टोर संचालित करना है। यह एक बड़ा उलटफेर है, क्योंकि एक साल पहले ही कंपनी ने पूरे भारत में 4,000 आउटलेट खोलने की महत्वाकांक्षी योजना बनाई थी। कंपनी ने इस कदम को 'स्ट्रक्चरल रीसेट' का नाम दिया है। कंपनी का कहना है कि इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) की बिक्री में आई सुस्ती और सर्विस डिलीवरी को बेहतर बनाने की जरूरत के चलते यह फैसला लिया गया है। अब कंपनी का फोकस कम समय की वॉल्यूम के बजाय ऑपरेशनल मजबूती पर है।
वित्तीय प्रदर्शन और मार्केट शेयर का पतन
आंकड़े बताते हैं कि Ola Electric ने दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही में ₹487 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया, हालांकि यह पिछले साल की इसी तिमाही के ₹564 करोड़ के लॉस से कुछ बेहतर है। वहीं, रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन्स में पिछले साल की तुलना में 55% की भारी गिरावट आई, जो घटकर ₹470 करोड़ रह गया। इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की डिलीवरी में भी 61% की भारी कमी आई, जो दिसंबर तिमाही में कुल 32,680 यूनिट्स रही। इसी के साथ, कंपनी का मार्केट शेयर भी लगातार गिर रहा है। जनवरी 2026 में यह 6.3% पर आ गया, जो जनवरी 2025 में लगभग 26% था। फरवरी 2026 के शुरुआती 18 दिनों के आंकड़े तो और भी चिंताजनक हैं, जिसमें यह शेयर घटकर लगभग 4.2% हो गया।
पुरानी कंपनियों का दबदबा बढ़ा
इस गिरावट के चलते Ola Electric अपने कॉम्पिटिटर्स से काफी पीछे रह गई है। TVS Motor, Bajaj Auto और Hero MotoCorp जैसी पुरानी ऑटोमोबाइल कंपनियों ने इस बाजार शिफ्ट का खूब फायदा उठाया है। जनवरी 2026 तक, इन स्थापित कंपनियों का ईवी दोपहिया बाजार में संयुक्त रूप से 60% मार्केट शेयर है, जबकि 2023 में यह केवल 34% था। TVS Motor 28% मार्केट शेयर के साथ सबसे आगे है, जिसके बाद Bajaj Auto 21% और Hero MotoCorp 11% के साथ हैं। इसके मुकाबले, Ola Electric का मार्केट शेयर 6% से नीचे चला गया है। Ather Energy ने भी अपनी जगह बनाई है, जो जनवरी 2026 तक 18.16% मार्केट शेयर के साथ अपनी Rizta स्कूटर की दमदार बिक्री से आगे बढ़ रही है। भारत में ईवी मार्केट, खासकर दोपहिया सेगमेंट, लगातार बढ़ रहा है, जिसमें जनवरी 2026 तक ईवी दोपहिया वाहनों की हिस्सेदारी कुल दोपहिया बाजार का 6.6% रही।
क्या स्ट्रैटेजी है टिकाऊ?
Ola Electric ने अपने तेज विस्तार और आक्रामक कीमतों के दम पर मार्केट शेयर हासिल किया था, लेकिन यह रणनीति अब टिकाऊ नहीं लग रही। 16 फरवरी 2026 तक कंपनी की मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹12,817.87 करोड़ थी, लेकिन वह डीलरों को हटा रही है और गंभीर ऑपरेशनल दिक्कतों का सामना कर रही है। कंपनी 'स्ट्रक्चरल रीसेट' और बेहतर ग्रॉस मार्जिन (Q3 FY26 में 34.3%) की बात कर रही है, जो कॉस्ट कंट्रोल और ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर फोकस दिखाता है। हालांकि, मार्केट लीडरशिप से करीब 4% शेयर तक की गिरावट एग्जीक्यूशन और कस्टमर रिटेंशन में बड़ी विफलता का संकेत देती है। रेगुलेटरी जांच, जिसमें कई आउटलेट्स के लिए ट्रेड सर्टिफिकेट को लेकर नोटिस शामिल हैं, ऑपरेशनल रिस्क को बढ़ाती है। TVS Motor (P/E ~60.21x) और Bajaj Auto (P/E ~29.0x) जैसी मुनाफा कमाने वाली कंपनियों के विपरीत, Ola Electric का प्रॉफिटेबिलिटी की ओर रास्ता अनिश्चित बना हुआ है, भले ही कंपनी 15,000 मंथली यूनिट्स पर EBITDA ब्रेकइवन का लक्ष्य रखती हो। फरवरी 2025 में 25,000 से अधिक यूनिट्स और 28% मार्केट शेयर के कंपनी के पिछले बिक्री दावों की तुलना में वर्तमान हकीकत कई सवाल खड़े करती है।
भविष्य की राह
Ola Electric का कहना है कि उसका 'स्ट्रक्चरल रीसेट' एक टिकाऊ 'स्टेडी स्टेट' स्थापित करने के लिए है, जिसका लक्ष्य काफी कम ऑपरेशनल खर्च और इंडस्ट्री-लीडिंग ग्रॉस मार्जिन है। कंपनी की रणनीति अब वर्टिकल इंटीग्रेशन को गहरा करने, सर्विस विश्वसनीयता में सुधार करने और अपने टेक्नोलॉजी-आधारित प्रोडक्ट पोर्टफोलियो का लाभ उठाने पर केंद्रित है। भले ही कंपनी को उम्मीद है कि वह टर्नअराउंड के मुहाने पर है और भारत के इलेक्ट्रिफिकेशन ग्रोथ का फायदा उठा रही है, लेकिन खोए हुए मार्केट शेयर को वापस पाना और दिग्गजों के सामने ग्राहकों का भरोसा फिर से जीतना एक बड़ी चुनौती होगी।