Ola Electric Share Price: निवेशकों को झटका! Q1 रेवेन्यू में 45% की गिरावट, शेयर 6% लुढ़का

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AuthorAditya Rao|Published at:
Ola Electric Share Price: निवेशकों को झटका! Q1 रेवेन्यू में 45% की गिरावट, शेयर 6% लुढ़का

Ola Electric के शेयरों में आज बड़ी गिरावट देखने को मिली। कंपनी ने पहली तिमाही (Q1) के नतीजे जारी किए, जिसमें रेवेन्यू में 45% की भारी कमी आई है। शेयर **6%** तक नीचे गिर गए।

Q1 में कंपनी का प्रदर्शन कैसा रहा?

Ola Electric Mobility के शेयर सोमवार को 6% तक गिर गए। कंपनी ने 30 जून 2026 को समाप्त हुई पहली तिमाही के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं। इन नतीजों के मुताबिक, कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की इसी अवधि के ₹828 करोड़ की तुलना में घटकर ₹455 करोड़ रह गया है। यह 45% की बड़ी गिरावट है, जिसने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।

बिक्री में कमी और मार्जिन पर दबाव

रेवेन्यू में आई इस गिरावट की मुख्य वजह गाड़ियों की डिलीवरी में आई कमी है। इस तिमाही में Ola Electric ने केवल 39,192 यूनिट्स की डिलीवरी की, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 68,192 यूनिट्स था।

हालांकि, कंपनी अपने नेट लॉस (Net Loss) को कम करने में कामयाब रही। इस तिमाही में नेट लॉस ₹336 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि के ₹428 करोड़ से कम है। लेकिन, कंपनी पर मार्जिन बनाए रखने का दबाव बना हुआ है।

ग्रास मार्जिन (Gross Margin) में पिछले साल के 25.8% से बढ़कर 30.5% हुआ है, लेकिन ओवरऑल प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव है। कंपनी को कॉम्पिटिटिव प्राइसिंग और कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच संतुलन बनाना पड़ रहा है।

बढ़ती प्रतिस्पर्धा और ब्रोकरेज की राय

इलेक्ट्रिक दो-पहिया (Electric Two-Wheeler) सेगमेंट में कॉम्पिटिशन लगातार बढ़ रहा है। Ola Electric को TVS Motor और Ather Energy जैसी कंपनियों से कड़ी टक्कर मिल रही है। Ather Energy अपनी प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ा रही है, जिससे यह सेगमेंट और भी कॉम्पिटिटिव हो गया है।

इन नतीजों के बाद, ब्रोकरेज फर्म Emkay Global ने Ola Electric के शेयर पर 'Sell' रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस ₹30 रखा है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि कंपनी को वर्तमान में चल रही बिक्री में रिकवरी को बनाए रखने में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, जो 27% तक का और डाउनसाइड दिखा सकता है।

आने वाले समय में, निवेशक कंपनी के मंथली डिलीवरी नंबर्स और मैनेजमेंट की ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) में सुधार के प्रयासों पर बारीकी से नजर रखेंगे। साथ ही, कंपनी नई और पुरानी कंपनियों के मुकाबले अपनी मार्केट पोजीशन कैसे बनाए रखती है, यह देखना अहम होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.