Ola Electric ने डेडलाइन से पहले ही अपने **₹1,000 करोड़** के राइट्स इश्यू को पूरी तरह सब्सक्राइब कर लिया है। हालांकि, बाजार में कंपनी के शेयर **4.2%** फिसल गए, जिसका कारण प्रमोटर द्वारा शेयर गिरवी रखने और कर्ज की चिंता है।
Ola Electric Mobility ने अपनी ₹1,000 करोड़ की राइट्स इश्यू प्रक्रिया को 30 अक्टूबर की समय-सीमा से दो दिन पहले ही सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। एक तरफ जहां कैपिटल जुटाने में मिली यह सफलता कंपनी की मजबूती दर्शाती है, वहीं दूसरी ओर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर कंपनी के शेयर 4.2% गिरकर ₹35.13 पर बंद हुए। पिछले दो सत्रों में आई 22% की तेजी के बाद, निवेशकों ने खबर आते ही मुनाफावसूली करना बेहतर समझा।
फाउंडर की फंडिंग और रिस्क
निवेशकों की चिंता का सबसे बड़ा कारण फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर, भाविश अग्रवाल का हिस्सा है। रेगुलेटरी फाइलिंग के अनुसार, अग्रवाल ने अपनी हिस्सेदारी के लिए ₹175 करोड़ का कर्ज लिया है, जिस पर 17.15% की भारी-भरकम सालाना ब्याज दर है। इस फंड के लिए उन्होंने कंपनी के 20 करोड़ शेयर (करीब 4.32% स्टेक) गिरवी रखे हैं। हाई-कॉस्ट डेट और शेयर गिरवी रखने का यह कदम लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए सतर्क रहने का संकेत है।
डीलर नेटवर्क की ओर बदलाव
Ola Electric अब अपने बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव कर रही है। कंपनी डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर मॉडल से हटकर अब डीलर-लेड डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क की तरफ बढ़ रही है। मैनेजमेंट का मानना है कि इससे सर्विस डिलीवरी और ऑपरेशनल दिक्कतों को दूर करने में मदद मिलेगी। हालांकि, बिजनेस मॉडल बदलने से जुड़े एग्जीक्यूशन रिस्क अभी भी बने हुए हैं। आने वाली तिमाहियों में यह देखना अहम होगा कि क्या यह नया डीलर-केंद्रित मॉडल सेल्स में स्थिरता ला पाता है या नहीं।
