कमीशन का कड़ा रुख: ₹96,997 का रिफंड या नया स्कूटर
थाने की कंज्यूमर कमीशन ने Ola Electric के खिलाफ एक अहम फैसला सुनाया है। कंपनी को ग्राहक के उस इलेक्ट्रिक स्कूटर को बदलने का आदेश दिया गया है जो लगातार खराब हो रहा था। अगर कंपनी नया स्कूटर नहीं देना चाहती, तो उसे ग्राहक को ₹96,997 की पूरी रकम वापस करनी होगी। कमीशन ने पाया कि Ola Electric की ओर से सेवा में 'भारी कमी' और 'अनुचित व्यापार व्यवहार' किया गया है।
स्कूटर में बार-बार आ रही थी दिक्कतें
पीड़ित ग्राहक ने जुलाई 2024 में ₹96,997 में Ola Electric स्कूटर खरीदा था। खरीद के कुछ ही समय बाद से स्कूटर में एक्सेलेरेशन (गति बढ़ाने) में समस्या और बार-बार ब्रेकडाउन की दिक्कतें आने लगीं। एक गंभीर घटना में, स्कूटर की बैटरी 21% से घटकर मात्र 500 मीटर चलने पर 3% पर आ गई, जिससे वह बीच रास्ते में ही बंद हो गया। कमीशन ने इस बात पर गौर किया कि यह स्थिति खतरनाक हो सकती थी। ग्राहक ने Ola Electric से ईमेल और मैसेज के जरिए कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शिकायत पोस्ट करने के बाद ही कंपनी की ओर से कुछ प्रतिक्रिया मिली।
सर्विस में लापरवाही और पारदर्शिता का अभाव
समस्याओं का सिलसिला यहीं नहीं रुका। Ola Electric पर आरोप है कि उसने सर्विस सेंटर को स्कूटर की लोकेशन की जानकारी भी नहीं दी, जब उसे सर्विस के लिए ले जाया गया था। कई महीनों बाद, शिकायत दर्ज होने के बाद स्कूटर वापस मिला, लेकिन उस पर खरोंचें थीं और वह गंदा था। कमीशन ने लगातार बैटरी की समस्याओं और स्कूटर की स्थिति के बारे में अस्पष्टता को सर्विस में गंभीर खामियां और ग्राहक के साथ अनुचित व्यवहार माना।
कमीशन का मानना है कि Ola Electric ने अपनी लापरवाही को छिपाने की कोशिश की। कंपनी ने मामले में कोई जवाब नहीं दिया या अपना पक्ष नहीं रखा, जिसके कारण केस उनके इनपुट के बिना ही तय किया गया।
अंतिम फैसला और हर्जाना
कमीशन ने Ola Electric को आदेश दिया है कि या तो वह खराब स्कूटर को उसी मॉडल के नए स्कूटर से बदले, या फिर ग्राहक को ₹96,997 की पूरी राशि 6% सालाना ब्याज के साथ वापस करे। इसके अतिरिक्त, Ola Electric को ग्राहक को हुई मानसिक परेशानी के लिए ₹20,000 और कानूनी खर्चों के लिए ₹15,000 का भुगतान भी करना होगा। यह फैसला भारत में इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं के लिए एक चेतावनी है, जो उत्पाद की गुणवत्ता और ग्राहक सहायता को लेकर बढ़ते जांच के दायरे में हैं।