PLI सर्टिफिकेशन: मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा
Ola Electric के लिए एक अच्छी खबर आई है, क्योंकि कंपनी को अपने Roadster X+ 4.5 kWh मोटरसाइकिल के लिए ग्लोबल ऑटोमोटिव रिसर्च सेंटर से प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) सर्टिफिकेशन मिल गया है। यह सर्टिफिकेशन इस बात की पुष्टि करता है कि मोटरसाइकिल सरकारी मानकों, खासकर न्यूनतम स्थानीय सामग्री (minimum local content) के नियमों को पूरा करती है, जो PLI-ऑटो स्कीम के तहत इंसेंटिव के लिए महत्वपूर्ण है। Ola Electric का कहना है कि यह सर्टिफिकेशन कंपनी के स्थानीय उत्पादन पर फोकस और भारत के EV सेक्टर में उसके योगदान को दर्शाता है। गुरुवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर Ola Electric के शेयर 9% चढ़कर ₹28.34 पर पहुंच गए। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹12,500 करोड़ है, और इसका ट्रेलिंग 12-month P/E रेश्यो -4.62 है, जो मौजूदा नुकसान का संकेत देता है।
कॉम्पिटिटिव लैंडस्केप में भारी बदलाव
लेकिन, इन सबके बावजूद Ola Electric की मार्केट में स्थिति काफी खराब हो गई है। 2025 में कंपनी की सेल्स में साल-दर-साल लगभग 51% की भारी गिरावट आई, जिसके चलते मार्केट शेयर में बड़ी सेंध लगी। Ola Electric बिक्री के मामले में चौथे स्थान पर खिसक गई, जिसने उस वर्ष 199,000 यूनिट्स बेचीं। इसकी तुलना में, TVS Motor ने 299,000 यूनिट्स ( 35.2% की बढ़ोतरी) के साथ पहला स्थान हासिल किया, और Bajaj Auto 270,000 यूनिट्स ( 43.0% की बढ़ोतरी) के साथ दूसरे स्थान पर रही। Ather Energy ने भी 201,000 यूनिट्स बेचकर मजबूत ग्रोथ दर्ज की।
फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए भी यही ट्रेंड जारी रहा। TVS Motor 341,471 यूनिट्स ( 24.3% मार्केट शेयर) के साथ लीड कर रही है, जिसके बाद Bajaj Auto (288,866 यूनिट्स, 20.6% शेयर) और Ather Energy (239,124 यूनिट्स, 17% शेयर) का नंबर आता है।
आक्रामक प्राइसिंग और प्रॉफिटेबिलिटी की चिंताएं
अपनी गिरती सेल्स को संभालने के लिए Ola Electric ने एक आक्रामक कदम उठाया है। कंपनी ने हाल ही में अपनी ज्यादा कैपेसिटी वाले Roadster X+ 9.1 kWh मॉडल की कीमत ₹1,89,999 से घटाकर ₹1,29,999 कर दी है। यह कदम बिक्री बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है। हालांकि, कंपनी की वित्तीय स्थिति कुछ खास नहीं है। Ola Electric ने दिसंबर 2025 क्वार्टर में ₹32 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया है। इसकी तुलना में, Bajaj Auto का इलेक्ट्रिक व्हीकल डिवीजन डबल-डिजिट EBITDA मार्जिन्स हासिल कर रहा है, जो प्रॉफिटेबिलिटी की ओर एक रास्ता दिखाता है।
PLI स्कीम का असर और चुनौतियाँ
प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम, जो ₹25,938 करोड़ के आवंटन के साथ घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने और आयात पर निर्भरता कम करने के लिए है, ने मार्केट में कुछ असमानताएं भी पैदा की हैं। C-DEP की एक स्टडी बताती है कि जिन कंपनियों को PLI नहीं मिला, उनकी ग्रोथ 400% से घटकर निगेटिव हो गई है, और भारत के इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर एक्सपोर्ट का 77% हिस्सा नॉन-PLI मॉडल का है। वहीं, Ola Electric की सेल्स में गिरावट के पीछे कुछ अन्य कारण भी बताए जा रहे हैं, जैसे वाहनों में क्वालिटी की समस्याएं, धीमी आफ्टर-सेल्स सर्विस और गाड़ियों में आग लगने की घटनाएं, जिससे ग्राहकों की शिकायतें बढ़ रही हैं।
भविष्य का दृष्टिकोण: एक भीड़ भरे बाजार में नेविगेट करना
भारतीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर मार्केट के लिए भविष्य उज्ज्वल दिख रहा है, जिसके FY2026 में 1.4 मिलियन यूनिट्स से अधिक बिक्री का अनुमान है और 2030 तक 30% EV बिक्री का लक्ष्य है। Ola Electric के लिए आगे का रास्ता इन चुनौतियों से निपटने, क्वालिटी और सर्विस में सुधार करने और अपने प्रतिस्पर्धियों से मुकाबला करने पर निर्भर करेगा। PLI सर्टिफिकेशन की असली अहमियत तभी पता चलेगी जब यह कंपनी की बिक्री और ग्राहक संतुष्टि को टिकाऊ रूप से बढ़ा सके।