Ola Electric के शेयरों में शुक्रवार को **9%** की भारी गिरावट दर्ज की गई। निवेशक आगामी **28 सितंबर** को होने वाली बोर्ड मीटिंग पर नजर गड़ाए हुए हैं, जहां कंपनी 'राइट्स इश्यू' (Rights Issue) लाने पर विचार करेगी।
राइट्स इश्यू का डर क्यों?
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर Ola Electric का शेयर शुक्रवार को ₹38.75 के इंट्राडे लो पर बंद हुआ। इस गिरावट के साथ ही शेयर की 4 दिनों की शानदार बढ़त का सिलसिला थम गया, जिसमें शेयर 17% तक चढ़े थे। जानकारों का कहना है कि 'राइट्स इश्यू' की खबर से निवेशकों में इक्विटी डाइल्यूशन (Equity Dilution) को लेकर चिंता है। इसमें मौजूदा शेयरधारकों को डिस्काउंट पर शेयर खरीदने का मौका मिलता है, लेकिन इससे कुल शेयरों की संख्या बढ़ जाती है, जिसका असर प्रति शेयर आय पर पड़ सकता है।
घटती बिक्री की चिंता
निवेशकों के मूड को खराब करने वाली एक और बड़ी वजह बिक्री के आंकड़े हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, सितंबर में कंपनी की टू-व्हीलर सेल घटकर 9,000 यूनिट्स पर आ सकती है, जो अगस्त में 13,800 यूनिट्स थी। अगर ये आंकड़े सही साबित होते हैं, तो मार्केट शेयर 0.8% से घटकर 0.7% पर आ जाएगा, जो भविष्य में मुनाफे के लिए बड़ा जोखिम है।
फंड की जरूरत और गीगाफैक्ट्री का विस्तार
फाइनेंशियल फ्रंट पर स्थिति थोड़ी मिली-जुली है। फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 72% बढ़ा है, लेकिन साथ ही कंपनी ने ₹195 करोड़ का एडजस्टेड EBITDA लॉस भी रिपोर्ट किया है। कंपनी अपनी गीगाफैक्ट्री की क्षमता को 2.5 GWh से बढ़ाकर 6 GWh करने की तैयारी कर रही है, जिसके लिए भारी पूंजी की जरूरत है। अब निवेशकों की निगाहें सोमवार की बोर्ड मीटिंग पर हैं कि कंपनी जुटाई जाने वाली रकम का उपयोग कैसे करेगी और क्या वह बढ़ते घाटे के बीच विस्तार को सही साबित कर पाएगी।
