Ola Electric ने अपनी वित्तीय स्थिति मजबूत करने के लिए **₹1,500 करोड़** जुटाने का बड़ा फैसला लिया है। कंपनी की मार्केट शेयर गिरकर अगस्त 2026 में करीब **7%** रह गई है और अब निवेशक इसके नए डीलर-लेड रिटेल मॉडल पर नजर गड़ाए हुए हैं।
Ola Electric Mobility ने इक्विटी शेयर या कन्वर्टिबल सिक्योरिटीज जारी करके ₹1,500 करोड़ तक की पूंजी जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब कंपनी एक बड़े स्ट्रैटेजिक बदलाव और टॉप-लेवल मैनेजमेंट में बदलाव से जूझ रही है।
इस्तीफे और रणनीति में बदलाव
बोर्ड ने 5 सितंबर 2026 को इस फंड जुटाने की प्रक्रिया पर मुहर लगाई। इसी दिन कंपनी के COO Hyun Shik Park ने भी निजी कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। कंपनी अब अपने पुराने डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर मॉडल से हटकर फ्रैंचाइजी आधारित डीलर-लेड रिटेल नेटवर्क की ओर बढ़ रही है। सितंबर के शुरुआती दिनों में ही पहली पार्टनर-ऑपरेटेड स्टोर्स की शुरुआत की जा चुकी है, जिसका लक्ष्य कंपनी के भारी खर्चों को कम करना है।
कड़ी प्रतिस्पर्धा और मार्केट शेयर
Ola Electric के लिए पुरानी दिग्गज कंपनियां अब बड़ी चुनौती बन गई हैं। अगस्त 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, Ola का मार्केट शेयर घटकर लगभग 7% रह गया है, जबकि TVS Motor Company और Bajaj Auto जैसी कंपनियों ने क्रमशः 27% और 20% से अधिक की बाजार हिस्सेदारी पर कब्जा कर लिया है।
वित्तीय चुनौतियां
कंपनी के फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही के नतीजे चिंताजनक रहे हैं, जिसमें ऑपरेशन से रेवेन्यू ₹455 करोड़ रहा और कंपनी को ₹336 करोड़ का नेट लॉस हुआ है। फिलहाल कंपनी का फोकस बैटरी-सेल मैन्युफैक्चरिंग को स्केल करने और ऑपरेटिंग मार्जिन सुधारने पर है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि क्या यह नया डीलर मॉडल कंपनी को फिर से पटरी पर ला पाएगा और मार्केट शेयर में गिरावट को थाम पाएगा या नहीं।
