Ola Electric Mobility ने अपनी लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए ₹1,000 करोड़ के राइट्स इश्यू (Rights Issue) को मंजूरी दी है। यह फैसला तब आया है जब कंपनी को TVS Motor और Bajaj Auto जैसी कंपनियों से कड़े कॉम्पिटिशन का सामना करना पड़ रहा है और उसका मार्केट शेयर भी घट रहा है।
राइट्स इश्यू का गणित
Ola Electric ने अपनी कैश पोजीशन को मजबूत करने के लिए ₹1,000 करोड़ जुटाने का प्लान तैयार किया है। राइट्स इश्यू के जरिए कंपनी अपने मौजूदा शेयरधारकों को और शेयर खरीदने का मौका देगी। गौरतलब है कि पिछले कुछ हफ्तों में ही कंपनी ने ₹1,500 करोड़ की फंड जुटाने की प्रक्रिया और जून में ₹780 करोड़ का इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट किया है, जो कंपनी की फंड की बढ़ती जरूरतों को दर्शाता है।
घटता मार्केट शेयर और कड़ी टक्कर
सरकारी 'Vahan' पोर्टल के डेटा के अनुसार, सितंबर में Ola Electric का मार्केट शेयर गिरकर 6.1% रह गया, जो अगस्त में 7.6% था। बाजार में TVS Motor, Bajaj Auto और Hero MotoCorp जैसे दिग्गजों के आक्रामक रुख के कारण Ola अब मंथली रजिस्ट्रेशन रैंकिंग में पांचवें नंबर पर खिसक गई है।
फाइनेंशियल सेहत का हाल
कंपनी के रेवेन्यू में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। चालू फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही में ऑपरेशनल रेवेन्यू घटकर ₹455 करोड़ रह गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹828 करोड़ था। हालांकि, कंपनी ने अपने नेट लॉस को घटाकर ₹336 करोड़ (पिछले साल ₹428 करोड़) करने में कामयाबी पाई है, लेकिन 43,062 यूनिट्स की कम बिक्री कंपनी की चिंताओं को बढ़ाने वाली है।
अब निवेशकों की नजर इस बात पर टिकी है कि कंपनी इन फंड्स का इस्तेमाल कैसे करती है और क्या वह गिरते मार्केट शेयर को थामकर ट्रेडिशनल प्लेयर्स को फिर से पीछे छोड़ पाती है या नहीं।
