Ola Electric ने **₹1,500 करोड़** का फंड जुटाने की मंजूरी दे दी है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब कंपनी अपने मार्केट शेयर में गिरावट और बड़े लीडरशिप बदलाव का सामना कर रही है।
फंड जुटाने की तैयारी और चुनौतियां
Ola Electric के बोर्ड ने ₹1,500 करोड़ तक की राशि जुटाने के लिए अपनी मंजूरी दे दी है। यह पैसा प्राइवेट प्लेसमेंट और राइट्स इश्यू जैसे रास्तों से आएगा। कंपनी के लिए यह फैसला बेहद अहम है क्योंकि फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू 45% गिरकर ₹455 करोड़ रह गया है। हालांकि कंपनी ने अपना नेट लॉस घटाकर ₹336 करोड़ पर ला दिया है, लेकिन ऑपरेशंस को बढ़ाने के लिए उसे नए कैपिटल की सख्त जरूरत है।
लीडरशिप का बड़ा झटका
फंड जुटाने की खबर के साथ ही कंपनी ने एक बड़ा झटका भी दिया है। कंपनी के COO, Hyun Shik Park ने 5 सितंबर 2026 से अपना पद छोड़ दिया है। Park कंपनी की इंटरनल बैटरी सेल मैन्युफैक्चरिंग स्ट्रैटेजी को लीड कर रहे थे। उनके अचानक इस्तीफे से कंपनी के महत्वाकांक्षी 'गिगा-फैक्ट्री' प्रोजेक्ट के भविष्य को लेकर निवेशकों में संशय बढ़ गया है। अभी तक कंपनी ने उनके उत्तराधिकारी के नाम का ऐलान नहीं किया है।
घटता मार्केट शेयर और कड़ी टक्कर
Ola Electric के लिए यह समय काफी चुनौतीपूर्ण है। अगस्त 2026 में कंपनी का मार्केट शेयर घटकर सिर्फ 7.7% रह गया है, जो पिछले साल इसी महीने में 17.7% हुआ करता था। मार्केट की इस सुस्ती का फायदा TVS Motor, Bajaj Auto और Ather Energy जैसे प्रतिद्वंद्वी तेजी से उठा रहे हैं। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी इस नए फंड का इस्तेमाल बाजार में अपनी खोई हुई पकड़ वापस पाने के लिए कैसे करती है।
