Ashok Leyland Share Price: ब्रोकरेज का भरोसा बढ़ा, टारगेट प्राइस ₹194 पर, पर मार्जिन पर दबाव!

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AuthorNeha Patil|Published at:
Ashok Leyland Share Price: ब्रोकरेज का भरोसा बढ़ा, टारगेट प्राइस ₹194 पर, पर मार्जिन पर दबाव!

ब्रोकरेज फर्म Nomura ने Ashok Leyland के लिए अपना टारगेट प्राइस बढ़ाकर ₹194 कर दिया है। हालांकि, पहली तिमाही में रेवेन्यू तो बढ़ा है, लेकिन निवेशकों की नजर कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर पड़ने वाले दबाव पर है, जिसकी वजह बढ़ी हुई रॉ मटेरियल कॉस्ट और फाइनेंस आर्म में हुए लॉस हैं।

Nomura का नया टारगेट

ब्रोकरेज फर्म Nomura ने Ashok Leyland के शेयर पर अपना भरोसा जताया है और टारगेट प्राइस को पहले के स्तर से बढ़ाकर ₹194 कर दिया है। यह कदम कंपनी के मीडियम और हैवी कमर्शियल व्हीकल (M&HCV) सेक्टर में ग्रोथ की उम्मीदों को दर्शाता है।

पहली तिमाही के नतीजे

कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। इस दौरान ट्रक बनाने वाली इस कंपनी ने वॉल्यूम ग्रोथ तो अच्छी दर्ज की, लेकिन प्रॉफिटेबिलिटी को लेकर कुछ चुनौतियाँ सामने आई हैं।

  • रेवेन्यू: कंपनी का रेवेन्यू ₹9,634 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 10% ज्यादा है।
  • नेट प्रॉफिट: बिक्री बढ़ने के बावजूद, नेट प्रॉफिट में मामूली 3% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹609-616 करोड़ के बीच रहा।

मार्जिन पर दबाव का कारण

रेवेन्यू और प्रॉफिट के बीच का यह अंतर प्रॉफिट मार्जिन पर पड़ रहे दबाव को दिखाता है। मार्जिन 105 बेसिस पॉइंट घटकर 10.1% रह गया। इसका मुख्य कारण कमोडिटी और मटेरियल की बढ़ती कीमतें हैं, जिससे गाड़ियों का प्रोडक्शन महंगा हो गया है।

कंपनी के कदम और निवेशक

इन बढ़ती लागतों से निपटने के लिए, कंपनी ने अपने प्रोडक्ट्स की कीमतों में बढ़ोतरी की है। हैवी कमर्शियल व्हीकल्स की कीमतों में 2.25% और लाइट कमर्शियल व्हीकल्स में 3.5% से ज्यादा की बढ़ोतरी की गई है। अब यह देखना होगा कि क्या ये प्राइस हाइक्स लागत के दबाव को पूरी तरह से खत्म कर पाते हैं या नहीं। इसके अलावा, कंपनी के फाइनेंस सर्विसेज डिविजन ने इम्पेयरमेंट लॉस में 47.8% की बढ़ोतरी दर्ज की है, जिसने सेगमेंट मार्जिन को और प्रभावित किया है।

एक्सपोर्ट और डिमांड का हाल

एक्सपोर्ट मार्केट भी मिला-जुला संकेत दे रहा है। SAARC क्षेत्र में ग्रोथ को लेकर उम्मीदें हैं, लेकिन पहली तिमाही में एक्सपोर्ट 18% गिर गया। निवेशकों की नजर इस बात पर भी है कि फाइनेंशियल ईयर के दूसरे हाफ में कमर्शियल व्हीकल्स की डिमांड कैसी रहती है, क्योंकि इस सेगमेंट की अस्थिरता भविष्य की कमाई को प्रभावित कर सकती है।

वैल्यूएशन और भविष्य की राह

फिलहाल, स्टॉक अपने अनुमानित FY28 एंटरप्राइज वैल्यू टू EBITDA के 11.6 गुना पर ट्रेड कर रहा है। Nomura का नया टारगेट इस मेट्रिक का 12 गुना वैल्यूएशन दर्शाता है, जो कंपनी के ऐतिहासिक ट्रेडिंग रेंज के अनुरूप है। कंपनी अपने इलेक्ट्रिक व्हीकल आर्म 'Switch' और बस ऑपरेशंस 'OHM' में निवेश जारी रखे हुए है, जिन्हें नॉन-ट्रक रेवेन्यू ग्रोथ के महत्वपूर्ण जरिया माना जा रहा है।

आने वाले समय में, शेयरहोल्डर्स के लिए सबसे बड़ा फैक्टर यह होगा कि कंपनी बढ़ती मटेरियल कॉस्ट के बीच अपने मार्जिन को कैसे बचा पाती है। निवेशकों की निगाहें हैवी व्हीकल्स की डिमांड ट्रेंड पर भी रहेंगी और यह भी देखना होगा कि कंपनी अपने फाइनेंस सर्विसेज बिजनेस में हुए इम्पेयरमेंट लॉस को कम कर पाती है या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.