Indian EV Market: 2030 तक EV सेल्स में होगी 4 गुना बढ़ोतरी, Nomura की रिपोर्ट से मची हलचल

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AuthorMehul Desai|Published at:
Indian EV Market: 2030 तक EV सेल्स में होगी 4 गुना बढ़ोतरी, Nomura की रिपोर्ट से मची हलचल

भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) मार्केट एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है। Nomura की नई रिपोर्ट के अनुसार, 2030 तक EV सेल्स में **4 गुना** का उछाल देखने को मिल सकता है। सितंबर 2026 में **3,33,634** यूनिट्स की रिकॉर्ड बिक्री के बाद अब इस सेक्टर में Mahindra & Mahindra और Hyundai जैसे दिग्गजों पर निवेशकों की नजरें टिकी हैं।

भारत के इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर में अब सब्सिडी से ज्यादा जोर 'इकोनॉमिक वायबिलिटी' पर है। Nomura के अनुमानों पर गौर करें, तो 2030 तक पैसेंजर व्हीकल्स की पेनिट्रेशन 12.7% और टू-व्हीलर्स की 22% तक पहुंचने की उम्मीद है। यह मौजूदा स्तर से करीब 4 गुना ज्यादा है। सितंबर 2026 में रिकॉर्ड 3,33,634 EV यूनिट्स की बिक्री हुई, जो पिछले साल के मुकाबले 74% अधिक है।\n\n### निवेश का नजरिया (Investment Perspective)\n\nबाजार के जानकारों का मानना है कि जो कंपनियां अपनी टेक्नोलॉजी और प्रोडक्ट पाइपलाइन पर काम कर रही हैं, वे भविष्य में बड़ा मार्केट शेयर हासिल करेंगी। फिलहाल Mahindra & Mahindra, Hyundai Motor India, और Ather Energy को रेस में सबसे आगे माना जा रहा है। इसके अलावा ऑटो-कंपोनेंट सेक्टर में Sona Comstar और Exide Industries जैसी कंपनियों को भी ईवी प्लेटफॉर्म्स के कॉम्प्लेक्स पार्ट्स की डिमांड बढ़ने से फायदा मिलने के आसार हैं।\n\n### सतर्क रहने की जरूरत (Potential Risks)\n\nहालांकि, निवेशकों के लिए कुछ चुनौतियां भी हैं। कमोडिटी और मेटल की कीमतों में उछाल के कारण कंपनियों के मार्जिन पर दबाव बना हुआ है। इसके अलावा, उन मैन्युफैक्चरर्स के लिए जोखिम बढ़ गया है जो अभी भी पुराने इंटरनल कम्बस्शन इंजन (ICE) पर ज्यादा निर्भर हैं। सरकारी नीतियों में बदलाव और प्रोडक्शन स्केलिंग का जोखिम भी बना हुआ है।\n\nआने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह डिमांड फेस्टिव सीजन के बाद भी बरकरार रहती है और कंपनियां बढ़ती लागत के बीच अपने मुनाफे को कैसे मैनेज करती हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.