Nomura ने Mahindra & Mahindra और Ather Energy को टॉप पिक्स के रूप में चुना है। जून महीने में ऑटो सेल्स (Auto Sales) अनुमानों से बेहतर रही। ब्रोकरेज ने कमर्शियल व्हीकल और ट्रैक्टर सेगमेंट में ज़बरदस्त ग्रोथ देखी है, साथ ही इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) की मांग में भी तेज़ी आई है। निवेशकों को मार्जिन के ट्रेंड्स पर नज़र रखनी चाहिए, भले ही रॉ मटेरियल की कीमतें कम होने के संकेत मिल रहे हैं।
जून में ऑटो सेक्टर का दमदार प्रदर्शन
भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर ने जून महीने में ज़बरदस्त ग्रोथ दर्ज की है, जिसमें थोक बिक्री (wholesale volumes) उम्मीदों से काफी ज़्यादा रही। ब्रोकरेज फर्म Nomura ने इस मोमेंटम को पहचानते हुए Mahindra & Mahindra और Ather Energy को खास तौर पर अपनी पसंद बताया है। इन कंपनियों को मौजूदा मार्केट ट्रेंड्स का फायदा मिलने की उम्मीद है। जून में कमर्शियल व्हीकल्स (Commercial Vehicles) और ट्रैक्टर सेगमेंट में प्रदर्शन ब्रोकरेज के अनुमानों से बेहतर रहा।
उम्मीदों से ज़्यादा वॉल्यूम ग्रोथ
जून के सेल्स डेटा के अनुसार, इंडस्ट्री ने शानदार प्रदर्शन किया। मीडियम और हैवी कमर्शियल व्हीकल की थोक बिक्री में 24% का ईयर-ऑन-ईयर (Year-on-Year) ग्रोथ दर्ज किया गया, जो Nomura के 12% के अनुमान से लगभग दोगुना है। ट्रैक्टर सेगमेंट में भी 14% की ईयर-ऑन-ईयर ग्रोथ देखी गई, जबकि अनुमान 7% का था। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) के रिटेल डेटा से भी इस ट्रेंड की पुष्टि होती है, जिसमें कुल वाहन रिटेल बिक्री 21.83% बढ़कर 2.557 करोड़ यूनिट्स तक पहुंच गई। पैसेंजर व्हीकल्स (Passenger Vehicles) की रिटेल बिक्री में 28.63% की सालाना बढ़ोतरी हुई, जबकि टू-व्हीलर (Two-wheeler) रिटेल सेल्स में 21.22% का इजाफा हुआ।
EV को बढ़ावा और कॉम्पिटिशन का रिस्क
Nomura ने इस बात पर जोर दिया है कि भारत का इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेगमेंट तेज़ गति से आगे बढ़ रहा है। जून में पैसेंजर व्हीकल्स में EV पेनिट्रेशन 7.5% और टू-व्हीलर्स में 10.6% तक पहुंच गया। ब्रोकरेज ने चेतावनी दी है कि जो ऑटोमेकर्स पारंपरिक इंटरनल कम्बशन इंजन (ICE) व्हीकल्स पर ज़्यादा निर्भर हैं और जिनके पास क्लियर EV स्ट्रैटेजी नहीं है, उन्हें मार्केट वैल्यूएशन (Market Valuation) में नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। ग्राहकों का क्लीन एनर्जी सॉल्यूशंस की ओर बढ़ता झुकाव सेक्टर के लॉन्ग-टर्म आउटलुक के लिए एक अहम फैक्टर है।
फाइनेंशियल स्थिति और इनपुट कॉस्ट
डिमांड भले ही मज़बूत बनी हुई है, लेकिन इंडस्ट्री इनपुट कॉस्ट (Input Cost) की चुनौतियों से निपट रही है। हालिया जियोपॉलिटिकल (Geopolitical) घटनाओं के कारण कमोडिटी की कीमतों में नरमी आई है, जिससे निर्माताओं के लिए कॉस्ट आउटलुक (Cost Outlook) में सुधार हो सकता है। हालांकि, Nomura को जून तिमाही में प्रॉफिट मार्जिन (Profit Margin) पर दबाव जारी रहने की उम्मीद है। पैसेंजर व्हीकल निर्माताओं के लिए इनपुट कॉस्ट प्रेशर करीब 2.3% और टू-व्हीलर उत्पादकों के लिए 3.4% रहने का अनुमान है।
स्टॉक मार्केट में, Mahindra & Mahindra के शेयर 1.14% बढ़कर ₹3,172.70 पर और Ather Energy के शेयर 0.74% बढ़कर ₹1,138.40 पर बंद हुए। वहीं, Hyundai Motor India के शेयर 0.35% गिरकर ₹1,986.50 पर कारोबार कर रहे थे। Nomura का नज़रिया कई कंपनियों के लिए सकारात्मक है, लेकिन उन्होंने यह भी नोट किया कि Maruti Suzuki, Eicher Motors और Hero MotoCorp की थोक बिक्री उम्मीदों से थोड़ी कम रही। निवेशक आने वाले तिमाही नतीजों पर नज़र रखेंगे कि कैसे कंपनियां मज़बूत सेल्स ग्रोथ को लागत दबाव के सामने बनाए रखती हैं।
