Nissan का मुनाफा चमका, पर EV में अभी भी संघर्ष जारी! शेयर **6.5%** उछले

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Nissan का मुनाफा चमका, पर EV में अभी भी संघर्ष जारी! शेयर **6.5%** उछले
Overview

Nissan Motor Co. के निवेशकों के लिए आज अच्छी खबर आई है। कंपनी ने अपने पूरे साल के ऑपरेटिंग प्रॉफिट फोरकास्ट को काफी बेहतर करते हुए, पहले के **¥60 बिलियन** के अनुमानित घाटे की जगह अब **¥50 बिलियन** के मुनाफे का अनुमान लगाया है। इस खबर से कंपनी के शेयर **6.5%** तक उछल गए। हालांकि, यह उछाल मुख्य रूप से एक बार के फायदों और अनुकूल करेंसी रेट्स की वजह से है, न कि ईवी (EV) सेगमेंट में किसी बड़े सुधार के कारण।

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एक बार के फायदों से मुनाफा बढ़ा

Nissan ने अपने पूरे फाइनेंशियल ईयर के लिए ऑपरेटिंग प्रॉफिट के अनुमान में बड़ा उलटफेर किया है। पहले जहाँ कंपनी ¥60 बिलियन के घाटे का अनुमान लगा रही थी, वहीं अब उसने इसे बढ़ाकर ¥50 बिलियन के मुनाफे का लक्ष्य रखा है। इस उम्मीद से टोक्यो स्टॉक एक्सचेंज में Nissan के शेयर 6.5% तक चढ़ गए। कंपनी ने इसके पीछे मुख्य वजहें अमेरिका में उत्सर्जन से जुड़े शुल्क (emissions charges) का खत्म होना, अनुकूल करेंसी रेट्स और बेहतर कॉस्ट मैनेजमेंट को बताया है। दरअसल, 12 फरवरी 2026 को अमेरिका में एक पॉलिसी में बदलाव हुआ, जिसने ग्रीनहाउस गैस (GHG) कंप्लायंस पेनल्टी को हटा दिया, जिसके लिए कंपनियां पहले से फंड रखती थीं।

ईवी (EV) मार्केट की गहरी चुनौतियां

यह वित्तीय राहत एक बार की है और यह Nissan की इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों की बिक्री बढ़ाने में आ रही मुश्किलों को नहीं छिपाती। ग्लोबल ऑटो मार्केट में जबरदस्त कम्पटीशन है, खासकर चीनी कंपनियों जैसे BYD से, जो फिलहाल ईवी (EV) मार्केट में लीड कर रही हैं। Nissan के लिए चीन, जो एक अहम बाजार है, में बिक्री 2020 से 60% गिर चुकी है और 2024 में 12.2% और सिकुड़ गई। कंपनी का 2030 तक चीन में सालाना 10 लाख यूनिट की बिक्री का लक्ष्य है, लेकिन लोकल राइवल्स से कड़ी टक्कर मिल रही है।

मुश्किलों में प्रतिद्वंद्वी भी

Nissan की मुश्किलें सिर्फ उसकी अपनी नहीं हैं। Toyota और Honda जैसी कंपनियां भी चीन में सेल्स में गिरावट और ईवी (EV) मार्केट में छोटी हिस्सेदारी जैसी दिक्कतों का सामना कर रही हैं। Honda तो घटिया परफॉरमेंस वाले ईवी (EV) को जापान वापस एक्सपोर्ट करने को मजबूर है। 2026 तक ग्लोबल ऑटो मार्केट में ईवी (EV) को अपनाने की रफ्तार धीमी रहने, सरकारी नीतियों का असर बढ़ने और चीनी निर्माताओं से बढ़ती प्रतिस्पर्धा की आशंका है।

अंदरूनी वित्तीय चिंताएं बरकरार

इस एक बार के मुनाफे के बावजूद, Nissan की फंडामेंटल वित्तीय सेहत पर चिंता बनी हुई है। कंपनी का नेगेटिव P/E रेश्यो (लगभग -1.38 से -1.46) बताता है कि वह अभी भी घाटे में चल रही है, जो उसके मुनाफे में चल रहे प्रतिद्वंद्वियों से बिल्कुल अलग है। 1.06 का डेट-टू-इक्विटी रेश्यो भी बताता है कि कंपनी पर कर्ज का बोझ काफी है। अमेरिका के उत्सर्जन नियमों में बदलाव जैसे एक बार के नीतिगत फैसले पर निर्भरता, ईवी (EV) शिफ्ट के साथ तालमेल बिठाने में Nissan की कश्मकश को उजागर करती है। 2018 में कार्लोस गोस्न की गिरफ्तारी जैसे मैनेजमेंट की अस्थिरता ने भी कंपनी की स्ट्रेटेजी पर असर डाला हो सकता है।

एनालिस्ट्स की राय और आगे की राह

एनालिस्ट्स (Analysts) आम तौर पर Nissan पर 'न्यूट्रल' (Neutral) रेटिंग बनाए हुए हैं। उनके अनुमानित 12 महीने के टारगेट प्राइस ¥411.4 JPY से लेकर ¥371.25 JPY तक हैं। Nissan अपनी मुख्य रणनीति चीन, जापान और अमेरिका जैसे बाजारों पर केंद्रित कर रही है, ताकि 2030 तक बिक्री और लोकल प्रोडक्शन बढ़ा सके। कंपनी अमेरिका में फ्लेक्सिबल ईवी (EV) अप्रोच अपनाना चाहती है और चीन के तेजी से बदलते बाजार के अनुरूप ढलने की कोशिश कर रही है। हालांकि, लंबी अवधि में अपनी जगह बनाए रखने के लिए, Nissan को अपने कमजोर ईवी (EV) प्रदर्शन और एक बार के वित्तीय लाभ पर निर्भरता जैसी बड़ी चुनौतियों से पार पाना ही होगा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.