Nissan India ने ऑटोमोटिव सेगमेंट में अपनी नई MPV, Gravite के साथ धमाकेदार एंट्री की है। कंपनी ने इसे ₹5.65 लाख (एक्स-शोरूम) की बेहद आक्रामक शुरुआती कीमत पर लॉन्च किया है। यह दाम इसे भारत की सबसे सस्ती 7-सीटर गाड़ी बनाता है और सीधे तौर पर Maruti Suzuki Ertiga, जिसकी पेट्रोल मैनुअल वेरिएंट की कीमत लगभग ₹8.80 लाख से शुरू होती है, और Renault Triber (जिसकी कीमत फेसलिफ्ट के बाद ₹5.76 लाख है) जैसी गाड़ियों को कड़ी टक्कर देगा। इस लॉन्च ऑफर के तहत पहले 5 साल की सर्विस भी फ्री दी जा रही है, ताकि ग्राहकों को तुरंत लुभाया जा सके।
Nissan Gravite को CMF-A+ प्लेटफॉर्म पर बनाया गया है, जिसे Renault Triber के साथ शेयर किया जाता है। यह स्ट्रैटेजिक फैसला लागत को कम रखने और मैन्युफैक्चरिंग को एफिशिएंट बनाने में मदद करता है। 4 मीटर से छोटी इस गाड़ी में 1.0-लीटर, 3-सिलेंडर पेट्रोल इंजन लगा है, जो 72 PS की पावर और 96 Nm का टॉर्क जेनरेट करता है। इसे 5-स्पीड मैनुअल या AMT गियरबॉक्स के साथ पेश किया गया है। कंपनी का दावा है कि यह मैनुअल में 19.3 kmpl और AMT में 19.6 kmpl का माइलेज देगी। यह उम्मीद की जा रही है कि सितंबर 2025 से लागू होने वाले सब-4 मीटर पेट्रोल गाड़ियों पर 18% GST का फायदा भी इस कॉम्पिटिटिव प्राइसिंग में अहम भूमिका निभाएगा। भविष्य में इसका CNG वेरिएंट भी लॉन्च किया जा सकता है।
Gravite का लॉन्च Nissan के इंडिया में वापसी के बड़े प्लान का हिस्सा है। कंपनी 2027 तक तीन नए मॉडल उतारने की तैयारी में है, जिसमें Gravite MPV (शुरुआती 2026 में), Tekton SUV (2026 के अंत तक) और एक और 7-सीटर SUV (2027 में) शामिल हैं। इसके साथ ही, Nissan अपने डीलरशिप नेटवर्क को मौजूदा 155 आउटलेट्स से बढ़ाकर 250 तक ले जाने की योजना बना रही है, ताकि कस्टमर रीच और आफ्टर-सेल्स सर्विस को बेहतर किया जा सके। अभी Nissan का मार्केट शेयर 1% से भी कम है, जिसमें Magnite SUV का बड़ा योगदान है। Gravite की सफलता कंपनी के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हो सकती है।
हालांकि, Nissan की यह आक्रामक प्राइसिंग स्ट्रेटेजी कुछ सवाल भी खड़े करती है। एंट्री-लेवल MPV सेगमेंट में इतनी कम कीमत पर गाड़ी उतारना, जो प्लेटफॉर्म शेयर करने वाली Renault Triber से भी सस्ती है, कंपनी के मार्जिन पर दबाव डाल सकता है। वहीं, Maruti Suzuki जैसे दिग्गजों का बाजार में गहरा दखल और दशकों पुराना सर्विस नेटवर्क है, जिसे भेदना Nissan के लिए आसान नहीं होगा। Nissan को ब्रांड पर ग्राहकों के भरोसे को फिर से जगाना होगा, क्योंकि पिछले कुछ सालों में कंपनी की मार्केट में पकड़ कमजोर रही है। एक ही प्लेटफॉर्म पर निर्भरता के चलते गाड़ियों में अनोखेपन की कमी भी खल सकती है। इसके अलावा, Nissan Motor के ग्लोबल फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर भी नजर रहेगी, जिसमें P/E रेश्यो में उतार-चढ़ाव और मुनाफे या नुकसान की खबरें शामिल हैं, जो कंपनी की आक्रामक स्ट्रेटेजी को प्रभावित कर सकती हैं।
Nissan का पहला लक्ष्य Gravite के जरिए एंट्री-लेवल MPV सेगमेंट में अच्छी खासी वॉल्यूम हासिल करना है। कंपनी का टारगेट FY27 तक 1,00,000 डोमेस्टिक सेल्स का है। यह गाड़ी अपनी कीमत, स्पेस, सीटिंग कैपेसिटी और सेफ्टी फीचर्स के दम पर ग्राहकों को लुभाने की उम्मीद है। Gravite की परफॉरमेंस को Nissan की इंडिया में वापसी की स्ट्रेटेजी की सफलता के तौर पर देखा जाएगा। इसके बाद आने वाली Tekton SUV और दूसरी 7-सीटर SUV कंपनी की बाजार में पैठ मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगी।