त्योहारी सीजन के दौरान भारत की ऑटो रिटेल सेल्स में **6.52%** की गिरावट आई और कुल बिक्री **11.2 लाख** यूनिट रही। हालांकि, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) ने **27%** की शानदार ग्रोथ दर्ज कर सबको चौंका दिया है।
बाजार में सुस्ती के मुख्य कारण
ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए यह नवरात्रि मिली-जुली रही। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (FADA) के आंकड़ों के मुताबिक, कुल रिटेल सेल्स 6.52% घटकर 11,23,086 यूनिट रह गई। जानकारों का कहना है कि इस साल त्यौहारों का विंडो पीरियड पिछले साल के 11 दिनों के मुकाबले सिर्फ 10 दिन का था, जो सेल्स पर भारी पड़ा। इसके अलावा, पिछले साल की रिकॉर्ड तोड़ बिक्री के कारण 'हाई बेस इफेक्ट' की चुनौती भी थी।
सेगमेंट के हिसाब से प्रदर्शन
पैसेंजर व्हीकल कैटेगरी में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला, जहां बिक्री 22% गिरकर 1,82,728 यूनिट रह गई। वहीं, टू-व्हीलर सेगमेंट में भी 3% की गिरावट दर्ज की गई और कुल बिक्री 8,34,075 यूनिट रही। थ्री-व्हीलर सेगमेंट भी 7.5% गिरकर 45,735 यूनिट पर आ गया। राहत की बात यह रही कि कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में थोड़ी बढ़त दिखी और यह 35,618 यूनिट तक पहुंच गया, जो इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स की डिमांड को दर्शाता है।
EV की चमक बरकरार
इस बीच, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेगमेंट पूरी तरह से अपनी अलग राह पर है। पिछले साल के मुकाबले EV सेल्स में 27% का जबरदस्त उछाल आया है और अब टोटल मार्केट में इनकी हिस्सेदारी 10.5% हो गई है। यह साफ संकेत है कि भारतीय ग्राहक अब तेजी से इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को अपना रहे हैं।
दिवाली पर कंपनियों की उम्मीदें
अब तमाम दिग्गज कंपनियों की नजरें धनतेरस और दिवाली पर टिकी हैं। Maruti Suzuki के पास पेंडिंग बुकिंग का आंकड़ा अक्टूबर की शुरुआत में 2 लाख से बढ़कर 2.7 लाख यूनिट हो गया है। साथ ही, Hyundai Motor India और Tata Motors ने भी बताया है कि शोरूम्स पर ग्राहकों की एक्टिविटी बनी हुई है और उन्हें उम्मीद है कि ऑर्डर्स की संख्या से डिलीवरी वॉल्यूम में मजबूती आएगी। अब देखना होगा कि दिवाली का शोरूम रिस्पॉन्स नवरात्र की इस कमी को कितना पूरा कर पाता है।
